गंगातट पांचाल घाट पर एक माह के लिए अर्द्धकुंभ की तरह लगने वाले मेला रामनगरिया में कल्पवासियों ने आना शुरू कर दिया है। संत-महात्माओं ने भी गंगा तट पर डेरा डाल दिया है। हालात यह है कि कल्पवासियों की चहल-कदमी से गंगातट पर रौनक है। कल्पवासियों और दुकानदारों को शुरूआती दौर में सुविधाओं का टोटा नजर आ रहा है।
फर्रुखाबाद। पिछले 15 साल से लगातार मेला रामनगरिया में एक माह का कल्पवास करने वाले राममूर्ति निवासी पिथनापुर का कहना है कि पिछले साल मेला में शौचालय और बिजली की व्यवस्था करने की बात तत्कालीन जिलाधिकारी ने कही थी लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
मुन्नी देवी का कहना है कि मेला क्षेत्र में शौचालय दूर बने होने के कारण महिलाओं को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। राउटी के पास में शौचालय नहीं बनाए गए हैं और न ही पानी की व्यवस्था की गई है। केवल हैंडपंप लगा दिए गए हैं, जिससे कल्पवासियों को परेशानी हो रही है।
शिकारपुर निवासी रामकली कहती हैं कि वह 12 साल से कल्पवास करने आ रही हैं। मेले में व्यवस्था करने की बात तो हर साल कही जाती है लेकिन जब मेला लगता है तो अव्यवस्थाओं से ही कल्पवासियों को जूझना पड़ रहा है। अभी तक यहां व्यवस्था के नाम पर कोई चीज नहीं है।
अयोध्या हनुमान गढ़ी से आकर गंगा तट पांचाल घाट पर एक माह तक अखंड साधना करने वाले महात्मा बजरंगदास का कहना है कि वह एक दशक से अधिक समय से यहां प्रतिवर्ष आकर साधना करते हैं। इस साल यहां व्यवस्थाओं का टोटा है। व्यवस्थाएं न हुईं तो संत अनशन शुरू कर देंगे।