रोडवेज बस अड्डे पर बस में चालक की शीट के नीचे पड़ा अग्निशमन यंत्र। संवाद
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फर्रुखाबाद। रोडवेज डिपो की बसों की हालत बेहद खस्ता है। न तो स्टेपनी है और न ही अग्निशमन यंत्र। दिखावे के लिए कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र रखे हैं। उनमें न तो गैस है और न ही पाइप समेत अन्य कल पुर्जे। टायर पंक्चर होने पर बसें खड़ी हो जाती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
रोडवेज डिपो के बेड़े में इन दिनों 93 बसें हैं। वर्कशॉप टायर की कमी की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है। बसें बिना स्टेपनी के ही दौड़ाई जा रही हैं। अधिकांश बसों में स्टेपनी की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं अधिकांश बसों में यात्रियों के जीवन की रक्षा से जुड़ा अग्निशमन यंत्र भी नहीं रहता है। कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र रखे हैं, लेकिन उनमें न तो गैस है और न ही पाइप समेत अन्य कलपुर्जे।
बस संख्या यूपी 76के-5990 में स्टेपनी तो थी, मगर अग्निशमन यंत्र चालक की सीट के नीचे पड़ा था। उसमें न तो गैस थी और न ही बाहर लगने वाले पाइप ओर अन्य कलपुर्जे। इसी तरह आगरा जा रही बस संख्या यूपी 76के-1249 में स्टाफ की सीट के किनारे अग्निशमन यंत्र रखा था। पूछने पर चालक ने बताया कि यंत्र खाली है। बस में स्टेपनी नहीं है। ऐसे में टायर पंक्चर होने और आग लगने की स्थिति में खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ सकता है।
शुक्रवार सुबह आगरा जा रही बस संख्या यूपी 6के-1249 बस अड्डे पर करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। यह बस धक्का मारकर स्टार्ट की गई थी। लिहाजा चालक ने इसे बंद नहीं किया। बस जब तक खड़ी रही बंद नहीं की गई। लिहाजा डीजल फुंकता रहा।
डिपोे की करीब 60 बसों से टूल बॉक्स भी गायब हो चुके हैं। लिहाजा रास्ते में छोटी-मोटी खराबी आने पर चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला के जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वर्जन...
सभी बसों के चालकों के नाम अग्निशमन यंत्र आवंटित हैं। खाली अथवा खराबी की सूचना पर भरवा दिया जाता है। यदि बस में स्टेपनी नहीं है तो उसे दिखवाकर व्यवस्था करवाई जाएगी। - अक्षय टांगरी, सीनियर फोरमैन, कार्यशाला फर्रुखाबाद डिपो।