फर्रुखाबाद। शहर में सड़कों की हालत खस्ता है। सातनपुर मंडी रोड पर डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आठ बड़े गड्ढे हैं। फतेहगढ़ में रोडवेज वर्कशॉप के पीछे नाले की दीवार गिरने से सड़क धंसने का खतरा मंडरा रहा है।
सातनपुर मंडी रोड सेंट्रल जेल चौराहे से कायमगंज जाने वाला एक व्यस्त मार्ग है। दो माह बाद आलू का सीजन शुरू होगा, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का दबाव और बढ़ेगा। धान खरीद के लिए भी तीन केंद्र यहीं बनाए जाएंगे। मंडी गेट के सामने सड़क उखड़ी हुई है और फुटपाथ भी नहीं है। पीसीएफ गोदाम के पास चार फीट चौड़े और 15 फीट लंबे दो गहरे गड्ढे हैं। इसके अलावा डेढ़ किलोमीटर की दूरी में छह और गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन पलटने या फंसने का खतरा बना रहता है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मुरलीधर ने बताया कि सेंट्रल जेल से रेलवे क्रॉसिंग तक करीब ढाई किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण तीन करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। उन्होंने सोमवार को टीम भेजकर गड्ढे भरवाने का आश्वासन दिया।
फतेहगढ़ में नाले से सड़क को खतरा
फतेहगढ़ स्थित रोडवेज वर्कशॉप के पीछे नाले की दीवार लगभग एक माह पहले गिर गई थी। दीवार का मलबा सड़क पर ही पड़ा है, जिससे आधी से अधिक सड़क घिर गई है। नाले का पानी अब दीवार गिरने वाले स्थान पर मिट्टी काट रहा है। इससे सड़क लटकी हुई दिख रही है और किसी भी दिन धंस सकती है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जेई से नाला मरम्मत का एस्टीमेट बनाने को कहा गया है। जल्द ही जेई को भेजकर स्थिति का आकलन किया जाएगा।
मंडी रोड पर फुटपाथ का अधूरा काम
सातनपुर मंडी रोड पर कुछ दूरी की सड़क का निर्माण हाल ही में हुआ है। इस पर फुटपाथ नहीं बनाया गया है। करीब तीन माह पहले फुटपाथ बनाने की कवायद शुरू हुई थी। कई स्थानों पर पत्थर भी डाले गए थे लेकिन काम बीच में ही रोक दिया गया। सड़क किनारे गहरे गड्ढे होने से दो वाहन एक साथ गुजरने पर बाइक सवारों को नीचे उतरने की भी जगह नहीं मिलती। जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं लेकिन इन गड्ढों पर उनकी नजर नहीं पड़ती।
हादसों की आशंका और अधिकारियों की अनदेखी
सातनपुर मंडी रोड पर गहरे गड्ढे और फतेहगढ़ में नाले से लटकी सड़क दोनों ही बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। मंडी रोड पर साइड देते समय वाहन का पहिया गड्ढे में जाने से पलटने का खतरा है। नाले के पास सड़क धंसने से भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यस्त मार्गों पर ऐसी स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।