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किसान की हत्या में पिता व तीन पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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महेश जाटव का फाइल फोटो। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
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थाना क्षेत्र के गांव ढड़ियापुर में मंगलवार रात को किसान को चेचेरे भाई भतीजों ने लाठी डंडे व ईंट मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद किसान की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी।
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बुधवार सुबह किसान के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पिता व उसके तीन पुत्रों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई लेकिन कोई नहीं मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव ढड़ियापुर निवासी महेश जाटव(58) की हत्या का आरोपी सत्यभान चचेरा भाई है। दोनों के खेत पास-पास हैं। सत्यभान के खेत मे गन्ने की फसल खड़ी थी। वहीं महेश के खेत में सरसों की फसल है।
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मंगलवार सुबह सत्यभान अपने परिजनों के साथ फसल काटने गया था। काटने के बाद गन्ने की पाती में आग लगा दी। इसके बाद खेत जोतकर गेहूं का बीज बोकर घर चले आये थे। आग से महेश की सरसों की फसल को नुकसान हुआ था। जानकारी होने पर महेश अपने बेटे अजय के साथ सत्यभान के घर उलाहना देने गया था।
इसी दौरान दोनों में कहा सुनी होने लगी। दोनों पक्षों के लोग मौके पर इकठ्ठा हो गये। देखते ही देखते लाठी डंडे ईंट पत्थर चलने लगे। दसी दौरान सिर में ईंट लगने से महेश लहुलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन आनन फानन में निजी वाहन से घायल को थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने इलाज के लिए सीएचसी कायमगंज भेज दिया।
वहां से घायल की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने लोहिया के लिए रेफर कर दिया। परिजन घायल को लोहिया लेकर पहुंचे। डॉक्टर मनोज पांडेय ने महेश को मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
बुधवार सुबह किसान के भाई प्रमोद कुमार ने चार आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सत्यभान पुत्र श्यामलाल और उसके पुत्रों संजीव, आकाश, राजीव कुमार के विरुद्ध हत्या में मुकदमा दर्ज कर लिया।
किसान की मौत से पत्नी नन्हीं देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। महेश खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। इसके के दो बेटे मनोज कुमार, अजय कुमार, दो बेटियां राजमाला व सुमन हैं। महेश चार भाइयों में सबसे बड़ा था। इसके बाद रामसेवक, रामवीर, प्रमोद हैं। थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
गांव के लोगों ने बताया की दोनों पक्षों में कई वर्षों से तनातनी है। लगभग 15 वर्ष पूर्व महेश जाटव की मां सुमित्रा देवी पत्नी द्वारिका प्रसाद के गोली लग गई थी। उस समय महेश के परिजनों की तरफ से सत्यभान पुत्र श्यामलाल व किशोर पुत्र डूंगर पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई वर्षों बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था लेकिन मनमुटाव चला आ रहा था।
महेश के परिजनों ने बताया कि घटना के बाद घायल महेश जाटव को लेकर थाने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने तत्काल आरोपियों की तलाश में गांव में दबिश देना उचित नही समझा। आरोपी काफी देर घर पर रहे। कुछ देर बाद जैसे ही आरोपियों को महेश की मौत की जानकारी हुई वे फरार हो गए। तब पुलिस हरकत में आई और आरोपियों के घर दबिश दी।
गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए दरोगा शाहनूर खान व सिपाहियों की तैनाती कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने रात भर गांव में गश्त की। बुधवार सुबह तहसीलदार भूपाल सिंह अपनी टीम के साथ गांव ढड़ियापुर पहुंचे। घटनास्थल व खेत का निरीक्षण किया। तहसीलदार ने तत्काल लेखपाल सौरभ यादव से आग से हुई महेश के खेत में खड़ी फसल के नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा।
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