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एनसीसीएफ व नैफेड के जिला प्रभारियों पर मुकदमा दर्ज

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फर्रुखाबाद। धान खरीदकर छह माह बाद भी 193 किसानों को भुगतान न कर घपला करने मामले में एनसीसीएफ व नैफेड के जिला प्रभारियों के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
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धान की सरकारी खरीद 2020-21 में जिले में एनसीसीएफ के दो नैफेड के चार क्रय केंद्र संचालित थे। शासन से 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान के आदेश हैं। महीनों भुगतान न मिलने पर किसान ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की थी। इस पर उन्होंने डिप्टी आरएमओ को जांच कराने के आदेश दिए। संस्थाओं द्वारा किसानों की पीएसएमएस के माध्यम से किए गए ऑनलाइन भुगतान की जांच की तो मामला खुल गया। इस पर नोटिस जारी कर संस्थाओं से जवाब मांगा तो उन्होंने भुगतान होने का स्पष्टीकरण दिया। इस पर डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामनरेश को दोनों संस्थाओं के जिला प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामनरेश ने शहर कोतवाली में एनसीसीएफ के जिला प्रभारी अनुराग कुमार के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर में कहा कि जांच में पता चला कि संस्था ने कुल 201 किसानों से धान खरीद की। इसमें 160 किसानों को भुगतान की फाइल तैयार की गई और 112 को ही भुगतान किया गया। 41 किसानों को भुगतान तो दूर उनकी फाइल ही तैयार नहीं की। इससे कुल 89 किसानों का अभी भी भुगतान लटका है। जो शासनादेश का उल्लंघन है।
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वहीं नैफेड के जिला प्रभारी राम शर्मा के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। रिपोर्ट में कहा कि 28 मई को जांच में पता चला कि संस्था ने कुल 288 किसानों से धान खरीद की। इसमें 216 किसानों की भुगतान की फाइल तैयार की गई, जबकि 184 किसानों को ही भुगतान किया गया। इससे कुल 104 किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है। जबकि संस्था द्वारा सभी किसानों को भुगतान करने का दावा किया गया है। इससे साफ है कि संस्था ने शासनादेश का उल्लंघन करने के साथ किसानों से धोखाधड़ी की है। दोनों मुकदमों की विवेचना दरोगा शिवशंकर सिंह को सौंपी गई है।
फर्रुखाबाद। धान खरीदकर 6 माह बाद भी 193 किसानों को भुगतान न कर घपला करने के मामले में एनसीसीएफ व नैफेड के जिला प्रभारियों के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
धान की सरकारी खरीद 2020-21 में जिले में एनसीसीएफ के दो व नैफेड के चार क्रय केंद्र संचालित थे। शासन से 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान करने के आदेश हैं। महीनों भुगतान न मिलने पर किसानों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह से की। इस पर जिलाधिकारी ने डिप्टी आरएमओ को जांच कराने के आदेश दिए। संस्थाओं द्वारा किसानों को पीएफएमएस के माध्यम से किए गए किए गए ऑनलाइन भुगतान की जांच की तो मामला खुलकर सामने आ गया। इस पर उन्होंने नोटिस जारी कर संस्थाओं से जवाब मांगा। संस्थाओं द्वारा सभी किसानों को भुगतान किए जाने का स्पष्टीकरण दिया गया। जबकि किसानों को छह माह बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है। इस पर डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामनरेश को दोनों संस्थाओं के जिला प्रभारियों के खिलाफ 193 किसानों का भुगतान न कर धोखाधड़ी करने पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामनरेश ने शहर कोतवाली में एनसीसीएफ के जिला प्रभारी अनुराग कुमार के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर में कहा कि जांच में पता चला कि संस्था ने कुल 201 किसानों से धान खरीद की। इसमें 160 किसानों को भुगतान की फाइल तैयार की गई और 112 को ही भुगतान किया गया। 41 किसानों को भुगतान तो दूर उनकी फाइल ही तैयार नहीं की। इससे कुल 89 किसानों का अभी भी भुगतान लटका है। जो शासनादेश का उल्लंघन है। शासन की छवि धूमिल करने के साथ किसानों से धोखाधड़ी की गई है। वहीं नैफेड के जिला प्रभारी राम शर्मा के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। रिपोर्ट में कहा कि 28 मई को जांच में पता चला कि संस्था ने कुल 288 किसानों से धान खरीद की। इसमें 216 किसानों की भुगतान की फाइल तैयार की गई, जबकि 184 किसानों को ही भुगतान किया गया। इससे कुल 104 किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है। जबकि संस्था द्वारा सभी किसानों को भुगतान करने का दावा किया गया है। इससे साफ है कि संस्था ने शासनादेश का उल्लंघन करने के साथ किसानों से धोखाधड़ी की है। दोनों मुकदमों की विवेचना दरोगा शिवशंकर सिंह को सौंपी गई है।
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