पुल की ज्वाइंट पर निकली सरिया।
- फोटो : पुल की ज्वाइंट पर निकली सरिया।
फर्रुखाबाद। 50 लाख रुपये से डेढ़ माह पहले ही पांचालघाट पुल की मरम्मत के बाद उसके ज्वाइंट खुल गए। ज्वाइंट खुलने के बाद कार्यदायी संस्था ने उसकी मरम्मत करवा दी। भारी वाहनों के निकलने से ज्वाइंट पूरी तरह से खुल गए हैं। देर रात वाहन निकलते समय खुली सरिया हवा में झूलने लगीं। एनएचएआई की टीम ने मरम्मत कराई। इसके बाद भी ज्वाइंट खुले पड़े हैं।
इटावा-बरेली हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसको बृहद रूप देकर 730सी राज्यमार्ग में परिवर्तित कर दिया गया। सड़क चौड़ीकरण के दौरान पांचाल घाट के जर्जर पुल और खुले ज्वाइंटों को जोड़ने का काम मार्च माह में किया गया। इस दौरान भारी वाहनों का रूट बदलकर 60 किलोमीटर घुमाकर शमसाबाद होते हुए जनपद शाहजहांपुर के जलालाबाद में निकाला गया।
मार्च के पहले सप्ताह में पुल की मरम्मत शुरू हुई। होली के त्योहार तक तो कार्य तेजी से चला। इसके बाद तो खानापूरी होती रही। रूट डायवर्जन का समय 31 मार्च को समाप्त हो गया। तीन अप्रैल को भारी वाहनों को भी निकलने की छूट दे दी गई। एक माह तक मरम्मत का काम चलने के बाद भी पुल के ज्वाइंट की मरम्मत में गुणवत्ता से खिलवाड़ हुआ। कुछ ही दिनों में पुल के सभी 18 ज्वाइंट खुलने लगे। वाहनों के भार से ज्वाइंट में लगे लोहे के एंगल और सरिया निकल गए। गड्ढे होने से वाहनों को निकलने में दिक्कत होने लगी। आधी सड़क से गुजर रहे वाहनों के कारण पूरे समय तक जाम लगना आम हो गया।
मंगलवार को भी पांचालघाट पर जाम की स्थिति बनी रही। ज्वाइंटों से निकल रही सरिया और एंगल खतरा बने हुए हैं। इसपर यदि जिम्मेदार जल्द न चेते तो हादसा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर ने बताया कि जहां-जहां ज्वाइंट खुल हरे हैं, वहां पर मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। जल्द ही पुल के सभी ज्वाइंटों को भर दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था ने बीच-बीच में मरम्मत करने का प्रयास किया।