फर्रुखाबाद। शहर के पांचाल घाट स्थित गंगा पुल की मरम्मत का कार्य रूट डायवर्जन के इंतजार में लटका है। रामनगरिया मेला लगने से पहले मरम्मत का कार्य पूरा होना था। मेले में अब 17 दिन शेष हैं। इससे मेला लगने तक मरम्मत कार्य पूरा करना चुनौती होगा।
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कर 730 सी हाईवे में परिवर्तित किया गया है। सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव भी बढ़ा है। शहर के पांचाल घाट गंगा पुल वाहनों के दबाव से अब जर्जर हो गया है। ज्वाइंट के बीच में बड़े-बड़े गड्ढे होने से यातायात भी असुरक्षित साबित हो रहा है। इसको देखते हुए फोरलेन नए पुल का निर्माण भी स्वीकृत हुआ है।
फिलहाल कोई अनहोनी न हो, इसके लिए एनएचएआई को पुराने पुल की मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं। स्वीकृत मरम्मत कार्य में एक्पेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे। टूटी रेलिंग की मरम्मत करने के साथ ही सड़क पर वियरिंग कोड डाला जाएगा। वहीं, पुल के नीचे झड़ी कंकरीट सही की जाएगी। इन सभी कार्यों को पूरा कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रशासन से रूट डायवर्जन के लिए अनुमति मांगी थी। इसमें भारी वाहनों का आवागमन रोककर रामनगरिया मेला शुरू होने से पहले पुल की मरम्मत कराई जा सके।
अभी तक रूट डायवर्जन न हो पाने से मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सका है। 13 जनवरी से मेला शुरू हो जाएगा। गंगातट पर हजारों कल्पवासियों के पहुंचने से पुल पर यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा। उस दौरान यातायात रोककर मरम्मत कार्य कराना चुनौती होगी। एनएचएआई के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी रूट डायवर्जन की अनुमति नहीं मिली है। फिलहाल पुल के ज्वाइंट के बीच में गड्ढों को भरवाया जा रहा है। स्थायी मरम्मत कार्य बिना रूट डायवर्जन के कराना काफी मुश्किल होगा। हालांकि, एक-दो दिन में रूट डायवर्जन होने की उम्मीद है।
सीओ सिटी एश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि पांचाल घाट पुल से रूट डायवर्जन करवाने का निर्देश पहले प्राप्त हुआ था। इस पर स्थलीय निरीक्षण भी किया गया था। इस संदर्भ में एनएचएआई के अधिकारियों से बात करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। रूपरेखा तैयार की जा रही है।