फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी में शुक्रवार को रीजनल ऑफिसर ने टीम के साथ पहुंचकर जांच की। उन्होंने पूर्व से गायब चल रही कैश बुक व पेटी कैश बुक गायब होने के बारे में कर्मचारियों से पूछताछ की। कैशबुक न मिलने से मंडी में करोड़ों रुपये के गबन की आशंका है।
सातनपुर मंडी में करीब दो-तीन वर्ष से कैश बुक व पेटी कैश बुक जमा न किए जाने से राजस्व वसूली में हेराफेरी की आशंका है। इस मामले में तत्कालीन तीन सचिव निलंबित हो चुके हैं। इसके बावजूद पूर्व में उनके कार्यकाल की कैश बुक व पेटी कैश बुक नहीं मिल सकी। इससे राजस्व रिकॉर्ड भी अधूरा चल रहा है।
इस मामले में रीजनल ऑफिसर कानपुर साक्षी ने तीन सदस्यीय टीम के साथ मंडी में पहुंचकर जांच की। हालांकि, पहले से गायब चल रहीं कैश बुक व पेटी कैश बुक नहीं मिल सकीं। उन्होंने कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की और बयान दर्ज कर वापस चली गईं। बताया जा रहा है कि मंडी के राजस्व में कई करोड़ रुपये के गबन की आशंका है।
इससे पहले पांच मार्च को मंडी उपनिदेशक ने तीन सदस्यीय टीम के साथ सातनपुर मंडी में पांच मार्च को जांच की थी। कर्मचारियों व तत्कालीन मंडी सचिव को बुलाकर पूछताछ भी की गई थी। मंडी राजस्व में गबन की आशंका पर गहनता से जांच चल रही है, जिससे कर्मचारियों में खलबली है। मंडी सचिव सूरज सहाय सक्सेना ने बताया कि रीजनल ऑफिसर जांच कर वापस चली गईं। उनके कार्यकाल से पहले की जांच चल रही है।