फर्रुखाबाद। 19 वर्ष पूर्व खेत की रखवाली कर रहे किसान को पुरानी रंजिश में गांव के तीन ग्रामीणों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में सुनवाई कर न्यायाधीश ने एक आरोपी को दोषी करार दिया। साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। दोषी को 25 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव दीनदयाल बाग निवासी रामकिशोर पुत्र कालीचरण ने रंजिश में चाचा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में गांव के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि वो 26 सितंबर 2005 को अपने चाचा सूबेदार के साथ मक्का की फसल की रखवाली कर रहा था। रात में फायर व चाचा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसने टॉर्च जलाई। टॉर्च की रोशनी में उसे गांव के सुदामा पुत्र देवी दयाल, महेश पुत्र राज बहादुर, मनोज पुत्र शिवरतन भागते दिखाई दिए। खेत में उसके चाचा सूबेदार खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़े थे। शोर सुनकर गांव के अन्य लोग भी आ गए।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर सुदामा, महेश, मनोज कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सुदामा को दोषी करार दिया। साक्ष्य के अभाव में मनोज, महेश को दोषमुक्त कर दिया। दोषी को 25 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।