फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय परिसर में सोमवार को लगे दिव्यांग बोर्ड में मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने से दो मरीज रेफर किए गए। वहीं बेरा मशीन न होने से भी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांगों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दिव्यांग बोर्ड में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा ने 54 दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा सक्सेना ने 16 दिव्यांगों का परीक्षण किया। ईएनटी सर्जन डॉ. नवनीत ने मूक बधिरों का परीक्षण किया।
जनपद में बेरा मशीन न होने से श्रवण बाधिता का प्रतिशत नापने के लिए दिव्यांगों को लखनऊ के लिए रेफर करना पड़ रहा है। जुलाई से अब तक श्रवण बाधित 42 दिव्यांग रेफर हो चुके हैं। वहीं मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने से मानसिक रोगियों का दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। सोमवार को भी दो मानसिक रोग कानपुर के लिए रेफर किए गए।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि विभाग में मानसिक रोग विशेषज्ञ नहीं है। इससे मानसिक रोगियों को रेफर करना मजबूरी है। बेरा मशीन की व्यवस्था मेडिकल काॅलेजों में ही होती है। वहीं पूरा सेटअप बन सकता है। इसी वजह से दिव्यांगों को जांच के लिए रेफर करना पड़ता है।