मोहम्मदाबाद। अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा महोत्सव भारतीय रामलीला कमेटी की ओर से धूमधाम से मनाया गया। शनिवार शाम छह बजे भगवान श्रीराम का विजय रथ निकाला गया। नगर के मुख्य चौराहे से शुरू हुआ रथ मोहम्मदाबाद-संकिसा मार्ग से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। रथ पर भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ विराजमान थे, जबकि आगे हनुमान, अंगद और वानरी सेना के योद्धा चल रहे थे।
विजय रथ के साथ राम की सेना और दूसरे रथ पर सवार लंकापति रावण की सेना के बीच युद्ध की झांकियां दिखाई गईं। दोनों सेनाओं की ओर से अग्निबाण चलाए गए। युद्ध की गर्जना, ढोल और बैंड-बाजों की धमक के बीच श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। जगह-जगह आतिशबाजी भी की गई। मोहम्मदाबाद-संकिसा मार्ग पर करीब एक किलोमीटर तक युद्ध का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा।
रामलीला मैदान पहुंचने पर राम-रावण की सेनाओं के बीच युद्ध और भीषण हो गया। अंत में शाम सात बजे भगवान श्रीराम ने धर्म का तीर चलाकर रावण का वध किया। इसके साथ ही पटाखों के धमाकों के बीच रावण का 40 फीट ऊंचा पुतला 25 मिनट में जलकर राख हो गया। लोगों ने भगवान श्रीराम की विजय का जयघोष किया। कार्यक्रम में कमेटी अध्यक्ष निशांत गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, राजेश वर्मा, सुशील गुप्ता और नरसिंह वर्मा सहित अन्य लोगों ने व्यवस्था संभाली।