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जो भी सुना शहीद के घर की ओर दौड़ पड़ा

Wed, 30 Nov 2016 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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रोती-बिलखती मां रामवती को ढांढस बंधाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पश्चिम बंगाल में हेलीकाप्टर क्रैश होने से शहीद होने वाले लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश प्रजापति के अंतिम दर्शन के लिए रात में ही उनके आवास पर भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि शव देर रात तक आने की उम्मीद है।
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लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश प्रजापति की मां रामवती और पिता झब्बूलाल बेटे की शहादत की खबर पाकर पछाड़े मारकर गिर गए। पड़ोसी उन्हें संभालने में लगे रहे। कुछ देर बाद वे होश में आए और शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश प्रजापति का छोटा भाई अवनीश कुमार मौजूदा समय में लखनऊ में बैंक में कार्यरत है।

मोबाइल से अवनीश को भी भाई के शहीद होने की सूचना दी गई है। इनकी दो बहनें अर्चना और अंजली हैं। अर्चना दिल्ली में डाक्टर हैं और अंजली इंजीनियर हैं। पूरा परिवार उच्च स्तरीय शिक्षित है और सभी भाई बहन अच्छे पद पर कार्यरत हैं। शहीद लेफ्टीनेंट कर्नल के शव आने से पहले ही उनके दरवाजे पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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उनके पैतृक गांव के लोग भी शहर स्थित आवास पर आ रहे हैं। उनके भाई बहनों के  देर रात तक आने की संभावना है। लेफ्टीनेंट कर्नल रजनीश प्रजापति अपने पीछे पत्नी मेघा के ऊपर दो बच्चों की जिम्मेदार छोड़ गए हैं। एक बच्चा करीब चार साल का है तो बच्ची अभी दो माह की है। 113 इंजीनियर लीमा कोम मणिपुर में कार्यरत मेघा फिलहाल वह मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं।
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