अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर इस सीजन में पहली बार खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा गया है। अमैयापुर पुलिया पर पानी दो फीट पानी बहने से करीब 10 गांव का आवागमन प्रभावित है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर पर है। इससे दोनों नदियों के तटवर्ती गांवों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
गंगा व रामगंगा दोनों नदियां उफान पर हैं। रामगंगा का जलस्तर 137.15 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 8,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव हीरानगर, गुंडेरा, भावन, गुलरिया, गैहलार, बजीरपुर, झंडी की मड़ैया आदि गांवों में पानी भर गया। अमैयापुर पुलिया पर डेढ़ फीट से अधिक पानी बहने से 10 गांव के लोगों काे आने-जाने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। गांव कोलासोता, बेचेपट्टी, सिकंदरपुर, चिड़िया महोलिया, अलादपुर भटौली, बिरसिंहपुर, बीरपुर, बिजापुरिया, मौलागंज, खरगपुर, राई, सीढ़ेचकरपुर, नौसारा, नाहरैया आदि गांव के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से मक्का, तिल, बाजरा, धान, उड़द, मूंग आदि फसल नष्ट हो गई है। गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर से घटकर 137.10 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में आई बाढ़ से ग्रामीणों की समस्या कम नहीं हो रही है। बरुआ को जाने वाला मार्ग पुलिया के पास कट जाने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
गांव के सुरेंद्र सिंह चौहान के ट्रैक्टर से अजय प्रताप, अभिषेक सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, जवाहर, शैलेंद्र आदि कोई दवा लेने तो कोई घरेलू सामान लेने जा रहे थे। ट्रैक्टर गहरे पानी में पहुंच जाने से फंस गया। किसी तरह वह पलटने से बचा। इसी गांव के गरीबदास, ऋषि, किशनपाल शाम को घर जा रहे थे। तेज धार में पहुंचने पर बहने लगे। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने पहुंच कर बाहर निकाला। गांव अंबरपुर, चित्रकूट, उदयपुर, सुंदरपुर, तीसराम, आशा की मड़ैया, हरिसिंहपुर कायस्थ, सैदापुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कालिका आदि गांव में डेढ़ माह से पानी भरा रहने से स्थिति बहुत ही खराब हो गई है।
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2018 में खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था जलस्तर
वर्ष 2018 में 29 अगस्त को रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर 137.20 मीटर पहुंच गया था। इसके बाद 2018 में ही दो सितंबर को जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर 137.50 मीटर पर पहुंचा था। 24 अगस्त 2021 को 137.20 मीटर जलस्तर रहा था। 16 सितंबर 2023 को भी रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पारकर 137.20 मीटर तक पहुंचा था। 18 सितंबर 2024 को 137.15 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। 19 अगस्त 2025 को भी रामगंगा का जलस्तर 137.15 मीटर पहुंचने से आसपास के गांवों के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई थीं।