शमसाबाद। गंगा के मुहाने पर आए समैचीपुर चितार में गंगा का कटान तेज है। बृहस्पतिवार रात में चार और ग्रामीणों को मकान गंगा में समा गया। इससे दहशत बढ़ गई है। कटान के किनारे पर आए ग्रामीण रातों की नींद नहीं ले पा रहे हैं। बाढ़ राहत कार्य फिलहाल राहत नहीं दे पा रहे हैं।
समैचीपुर चितार गांव में करीब 15 दिन से कटान चल रहा है। धार के मुहाने पर मकानों को आता देख ग्रामीण सामान निकालकर ले जा रहे हैं। पक्के मकान गिर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात गांव के आसिफ, वारिस, शमशुल और जाफरीन के घर गिर गए। मकान मालिक अपने आशियानों को गिरता देख भावुक हो रहे हैं। गंगा के कटान की जद में आ रहे घरों से ग्रामीण सामान निकालने में जुटे हैं। शुक्रवार सुबह से ही कई ग्रामीण नावों, मोटर बोट से घरेलू सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते दिखे। कटान की गति तेज होने से ग्रामीणों को अब कई अन्य मकान भी गिरने की आशंका सताने लगी है।
कायमगंज एसडीएम ने एनडीआरएफ टीम को बाढ़ प्रभावित गांवों में निगरानी तेज रखने के निर्देश दिए। टीमों को नाव के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की मदद करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने को कहा है। वह खुद बाढ़ प्रभावित लोगों पर नजर रखे हुए हैं।
-
पुनर्वास के लिए 14 बीघा भूमि चिह्नित
कायमगंज उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा ने बताया कि बाढ़ में जिन लोगों के मकान कट गए हैं, उन्हें हर हाल में पुनर्वासित किया जाएगा। इसके लिए 14 बीघा भूमि चिह्नित कर ली गई है। शीघ्र ही उसमें आशियाने बनाने की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। बाढ़ में मकान कटने के बाद कोई भी खुली छत के नीचे नहीं रहेगा।
बाढ़ पीड़ितों को बांटे लंच पैकेट
शमसाबाद। सपा नेता सर्वेश आंबेडकर ने बाढ़ प्रभावित समैचीपुर चितार, शरीफपुर और गुटैटी दक्षिण में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हालचाल लिया। उन लोगों को लंच पैकेट दिया। उन्होंने कहा कि सपा गरीबों और पीड़ितों के साथ खड़ी है। (संवाद)