गांव में चलने लगी नाव, पलायन करते ग्रामीण।
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गंगा के साथ रामगंगा ने उफान भरना शुरू कर दिया है। एक दिन में रामगंगा के जलस्तर में 1.25 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। इस कारण कई गांव पानी से घिर गए है और ग्रामीणों की आफत आनी शुरू हो गई है।
गंगा और रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से दोनों नदियां तेजी से उफान भरने लगी है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा से ज्यादा रामगंगा ने उफान भरा है। इस कारण रामगंगा के जलस्तर में 1.25 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। बुधवार को रामगंगा का जलस्तर 134.25 मीटर था।
गुरुवार की सुबह जलस्तर 135.45 मीटर पर पहुंच गया। शाम को जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की और बढ़ोत्तरी होने से 135.50 मीटर पर जलस्तर आंका गया। खो हरेली बैराजपुर से रामगंगा में 2871 क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है। गुरुवार को नरौरा से गंगा में 197028 क्यूसेक और हरिद्वार से सुबह 36884 क्यूसेक पानी पास हुआ था।
जो शाम को बढ़कर 44674 क्यूसेक हो गया। अभी गंगा खतरे के निशान (137.10 मीटर) से 40 सेंटीमीटर दूर है। दोनों नदियों के उफान भरने के कारण शमसाबाद और अमृतपुर क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए है।