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रेलवे की केबिल कटी, चार ट्रेनें प्रभावित

Tue, 26 May 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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कायमगंज नगर के  प्रथम फीडर की केबिल डालने के लिए ट्रैक के नीचे जेसीबी से खुदाई के दौरान सोमवार को देर शाम रेलवे की क्वार्टज (संचार) केबिल कट गई। इससे स्टेशन का संपर्क कट गया। रेल विभाग ने केबिल को दो घंटे की मशक्कत के बाद चालू किया। रेलवे ने बिजली विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली थी लेकिन
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एसडीएम व बिजली विभाग के  आला अधिकारियों के अनुरोध पर रेल विभाग ने 12210 रुपये जुर्माना वसूल कर मामला रफा दफा कर दिया। साथ ही रेलवे से अनुमति न आने तक काम भी बंद करा दिया।  नगर के प्रथम फीडर की केबिल फुंकने के बाद बिजली विभाग ने केबिल बदलने को चीनी मिल के पास ट्रैक के नीचे खुदाई का काम शुरू करा दिया था। आठ दिन से हो रही खुदाई का काम पूरा नहीं हो सका था। सोमवार को पहुंचे एक्सईएन और एसडीओ ने ज्यादा

मजदूर लगाकर शाम तक काम निपटाने का प्रयास किया। जेसीबी से पास की जमीन की खुदाई कराई गई। इस दौरान रेलवे की क्वार्टज केबिल कट गई। इससे स्थानीय स्टेशन से कानपुर, मथुरा, बरेली और इज्जतनगर से संपर्क  कट गया। इससे स्टेशन और रुदायन स्टेशन की टोकन लेस मशीन का सिस्टम फेल हो गया। जानकारी पर आरपीएफ ने खुदाई स्थल पर जाकर निरीक्षण किया और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। इस पर फतेहगढ़ से टेक्नीशियन बाबूलाल
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और अलवीर सिंह को भेजा गया। इन्होंने दो घंटे की मशक्कत के बाद केबिल को जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था कर दी।
उधर, रेलवे के सेक्शन इंजीनियर प्रदीप यादव और आरपीएफ ने केेबिल कटने पर खुदाई बंद करा दी । इसके बाद बिजली विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कराने की तैयारी की जाने लगी। इसकी जानकारी पर एसडीओ और एक्सईएन को पसीना आ गया। इन्होंने एसडीएम बीडी वर्मा को सूचना दी। इस पर एसडीएम पहुंच गए। इन्होंने मामले को निपटाने

का प्रयास किया। रेल विभाग ने बिजली विभाग से 12210 रुपये जुर्माना अदा करने को कहा। बिजली विभाग ने तत्काल जुर्माना देकर छुटकारा पया। आरपीएफ ने रेलवे अधिकारियों की अनुमति न मिलने तक केबिल डालने के लिए खुदाई का काम बंद करा दिया।  इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें ट्रैक के नीचे खुदाई की कोई जानकारी नहीं थी। सिस्टम फेल होने के बाद उन्हें खुदाई की जानकारी मिली थी।  सिस्टम फेल हो जाने से छपरा सहित चार गाड़ियों का आवागमन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था।

अधिकृत अनुमति के बिना खुदाई, बरेली भेजा कर्मचारी
बिजली विभाग ने केबिल डालने के लिए रेल ट्रैक के नीचे खुदाई बिना विभाग की अनुमति लिए शुरू करा दी थी। रेल विभाग द्वारा काम रोके जाने के बाद  एक्सईएन ने बताया कि अब बरेली से अनुमति लेने को कर्मचारी भेजा गया है। उन्होंने 3-4 दिन में काम शुरू होने की संभावना जताई है।

नगर के प्रथम फीडर की केबिल चार महीने पहले फुंक गई थी। तब से विभाग ने रेल विभाग से ट्रैक के नीचे खुदाई कराने की आधिकारिक अनुमति नहीं ली। कंपिल फीडर की केबिल से जोेड़कर नगर को बिजली देने की जुगाड़ विभाग ने कर दी थी।  शनिवार रात को जुगाड़ भी फेल हो गई। एक दर्जन गांवों सहित कई मोहल्लों में अंधेरा छा गया। सूत्र
बताते हैं कि रेल विभाग के फतेहगढ़ में बैठे एक अधिकारी की मौखिक अनुमति पर बिजली विभाग ने खुदाई शुरू करा

दी। तब रेलवे की केबिल कटी तो रेल विभाग ने खुदाई बंद करा दी। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों को वस्तुस्थिति की जानकारी दी गई थी। इस पर उन्होंने पुरानी लाइन खुदवाने के लिए अनुमति दे दी थी। रेलवे के व्यक्ति द्वारा चिंहित करने पर ही खुदाई का काम शुरू कराया गया था।  अब अनुमति के लिए बरेली एक आदमी को भेजा गया है।  

नगर को बारी-बारी से बिजली देने की व्यवस्था  
नगर की चरमराई बिजली व्यवस्था से लोगों को निजात दिलाने के लिए विभाग ने पोल लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था चालू की। नगर के दोनों फीडरों को बारी-बारी से बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। शनिवार रात से नगर के प्रथम फीडर की सप्लाई बिगड़ने से एक दर्जन मोहल्लों और कई गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। लोग बिजली के साथ-साथ

पानी को भी तरस गए थे। लोगों के आक्रोश से बचने को विभाग ने सोमवार देर शाम तक कंपिल बाईपास पर दो पोल लगाकर द्वितीय फीडर से प्रथम  को जोड़कर बिजली चलाने का प्रयास किया। अधिक लोड के कारण द्वितीय फीडर के ट्रांसफार्मरों की सप्लाई काट दी गई। तब जाकर प्रथम फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली मिल सकी। देहात क्षेत्र में चौथे

दिन भी अंधेरा रहा। इस वैकल्पिक व्यवस्था से सारी रात प्रथम फीडर और दिन में द्वितीय फीडर को सप्लाई दी गई। एक्सईएन ने बताया कि केबिल पड़ने तक यह क्रम जारी रहेगा। इसके लिए 24 घंटे सप्लाई प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
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