जहानगंज में चारा लेकर घर लौटते समय मंगलवार को एचटी लाइन की चपेट में आने
से युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने
बहोरिकपुर-मोहम्मदाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान बिजली
विभाग के चेक को लेकर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने विधायक पुत्र के साथ
सीओ मोहम्मदाबाद और तहसीलदार के वाहन चालकों के साथ भी हाथापाई कर दी। इस
पर उप जिलाधिकारी सदर ने ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद
मृतक के
परिजनों को एक लाख का चेक व एक लाख पांच हजार रुपये चंदा कर दिए गए। इसके
बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। गांव अजीजलपुर निवासी इरशाद भट्ठे पर मजदूर
है। इनका सबसे बड़ा पुत्र अरमान (18) मंगलवार सुबह करीब 8.45 बजे चारा
लेकर खेत से घर लौट रहा था। तरीक के खेत के ऊपर झूलती एचटी लाइन की चपेट
में आने से अरमान की मौत हो गई। अरमान जब घर नहीं लौटा तो छोटा भाई शोएब
उसे देखने खेतों की ओर गया। तरीक के खेत
में अरमान का शव पड़ा देख उसने घर
जाकर जानकारी दी। इस पर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। बिजली विभाग को
फोन कर लाइन कटवाई गई। शव देख मां शहनाज बेगम रोने-बिलखने लगीं। सूचना
मिलने पर एसओ शैलेंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। तब तक परिजनों और ग्रामीणों
ने सुबह 10 बजे मोहम्मदाबाद -बहोरिकपुर मार्ग पर अरमान का शव रख जाम लगा
दिया। जाम की सूचना पाकर सीओ मोहम्मदाबाद लेखराज सिंह, तहसीलदार संजीव ओझा
और लेखपाल अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास
किया लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि जब
तक डीएम और एक्सईएन नहीं आएंगे, तब
तक जाम नहीं खुलेगा। तहसीलदार ने एसडीएम सदर सुनील वर्मा को इसकी जानकारी
दी। एसडीएम सदर ने एसडीओ संतोष प्रसाद से बात की तो उन्होंने विभाग की ओर
से आर्थिक मदद के तौर पर एक लाख रुपये का चेक भेजवाया। एसडीएम सदर मौके पर
पहुंचे और इरशाद को चेक दिया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य के पुत्र एके
राठौर आए और उन्होंने कहा कि उनकी एक्सईएन से बात हुई है। उन्होंने दो लाख
का चेक
भेजा है। इस पर इरशाद ने एसडीएम को चेक लौटा दिया। चेक की रकम को
लेकर गुस्साए ग्रामीण बिजली विभाग के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसी दौरान
विधायक पुत्र अरशद जमाल सिद्दीकी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणोें ने उनके साथ
यह कहते हुए हाथापाई शुरू कर दी कि घटना की जानकारी सुबह दी गई लेकिन वह
दोपहर में आए हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने तहसीलदार संजीव ओझा और सीओ
मोहम्मदाबाद धर्मपाल के चालकों के साथ भी हाथापाई कर दी। पुलिस
ने बमुश्किल
विधायक पुत्र को बचाया। मामला बढ़ता देख एसडीएम सदर ने ग्रामीणों को शांत
करते हुए समझौता वार्ता करने को कहा। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक दो लाख
की आर्थिक मदद मृतक के परिजनों को नहीं मिलेगी, तब तक वह जाम नहीं
खोलेंगे। इस पर मृतक के परिजनों को एक लाख पांच हजार रुपये नगद और एक लाख
का चेक दिया गया। इसके बाद जाम खोला गया। एसआई मुनेंद्र सिंह ने शव का
पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है।
इन लोगों ने दी नगद मदद
अरशद जमाल सिद्दीकी ने 50 हजार रुपये, अयूब कोल्ड स्टोरेज के मालिक राजू ने 30 हजार और युसूफ ठेकेदार ने 25 हजार रुपये दिए।
तीन घंटे जाम से जूझे लोग
बहोरिकपुर-मोहम्मदाबाद
मार्ग पर जाम से तीन घंटे तक भीषण गर्मी में यात्री और राहगीर परेशान रहे।
एचटी लाइन की चपेट में आकर युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने यहां शव
रखकर जाम लगा दिया था। जाम से सड़क के दोनों ओर रोडवेज, प्राइवेट बसों के
अलावा चार पहिया वाहनों की कतारें लग गईं। भीषण गर्मी में यात्रियों का
बुरा हाल हो
गया। पीने के पानी के लिए यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
अधिकतर यात्रियों ने पानी के पाउच और बोतल खरीदकर प्यास बुझाई। दोपहर करीब 2
बजे जाम खुलने के बाद आवागमन सुचारु हो सका। तीन घंटे जाम लगने के कारण
भीषण गर्मी से लोगों का हाल बुरा हो गया।