डॉ. देवांश मिश्रा। संवाद
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फतेहगढ़ के सिविल लाइन निवासी डॉ. शैलेंद्र व डॉ. विधात्री मिश्रा के बेटे डॉ. देवांश मिश्रा का डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) रेडियोडाइग्नोसिस के लिए चयन हो गया है। उन्हें श्री चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुवनंतपुरम, केरल में दाखिला मिला है। बेटे की सफलता पर माता-पिता बेहद खुश हैं। डॉ. शैलेंद्र के मुताबिक देवांश डीएम रेडियोलॉजी की डिग्री लेने वाले जनपद के पहले डॉक्टर होंगे।
डॉ. देवांश ने फतेहगढ़ कैंट स्थित सेंट एंथोनी स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद गाजियाबाद में पढ़ाई। इसके बाद केजीएमयू, लखनऊ से वर्ष 2017 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। उन्होंने आरएमएल मेडिकल कालेज, लखनऊ से 2021 में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) रेडियोलॉजी किया। अब उनका डीएम रेडियोडाइग्नोसिस में चयन हो गया है। बेटे को केरल भेजने के लिए लखनऊ गए डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि उनके दो बच्चों में बेटी देवांशी मिश्रा एमबीबीएस, एमडी है।
वह हिंद मेडिकल कालेज लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर है। उन्होंने बताया कि फर्रुखाबाद में अभी तक डीएम रेडियोलॉजी की डिग्री किसी डॉक्टर के पास नहीं है। डीएम डिग्री के बाद डॉ. देवांश मेडिकल कालेजों में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टरों को परामर्श देंगे।