नलकूप विभाग की जांच के बाद भी मनमानी पर अंकुश नहीं लग सका। चहेती फर्मों का चयन कर काम कराया जा रहा है। कायमगंज के गांव मानिकपुर में दो वर्ष पूर्व स्वीकृत नलकूप के अभी तक पंप हाउस का निर्माण नहीं कराया गया। जबकि पाइप लाइन डालने के लिए टेंडर कर दिया गया। इससे पंपहाउस का एग्रीमेंट बैकडेट में करने की राह आसान हो सके।
किसानों को फसल की सिंचाई में सुविधा मिले, इसके लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। राजकीय नलकूपों का निर्माण कराने के साथ पुराने नलकूपों के रखरखाव पर करोड़ों का बजट विभाग को शासन से दिया जाता है।
हालात ये हैं कि वर्ष 2018-19 में स्वीकृत तीन नलकूप अभी चालू नहीं हो सके। इनमें कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव मानिकपुर में स्वीकृत राजकीय नलकूप संख्या 182 केएमजी की बोरिंग तो हुई है, लेकिन पंपहाउस का निर्माण नहीं कराया गया और न ही अभी टेंडर हुए हैं।
एक लाख रुपये से पाइप लाइन डालने का टेंडर गुपचुप तरीके से निकाला गया और सोमवार को खोल भी दिया गया। खास बात ये कि दो लाख रुपये से बनने वाले पंपहाउस का अभी टेंडर नहीं निकाला गया। पता चला है कि पिछली तारीख में चहेती फर्म को एग्रीमेंट करने की तैयारी है।
वहीं मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव जैतपुर में नलकूप नंबर 318 एफजी का पहले निर्माण कराया गया। बाद में उसी ठेकेदार को पिछली तारीख में अनुबंध कर दिया गया। निर्माण पूरा होने के बाद एमबी (मेजरमेंट बुक) करने के लिए 22 जनवरी को जेई ने अनुुबंध की कापी मांगी थी।
इस पर अधिशासी अभियंता ने एक फरवरी को अनुबंधपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश एई को दिए थे। फिलहाल अभी एमबी लटकी है। इसके अलावा मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नगला बाग रठौरा में स्वीकृत नलकूप संख्या 319एफजी का अभी तक टेंडर नहीं किया जा सका।
सहायक अभियंता अमर सिंह ने बताया कि नलकूप संख्या 318 का अनुबंधपत्र जेई को दे दिया है। एमबी की जा रही है। मानिकपुर के 182 नंबर नलकूप का पंपहाउस निर्माण का शीघ्र ही टेंडर होगा।
319 एफजी नलकूप निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पिछली तारीख में कोई अनुबंध नहीं किया जा रहा है।