फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को सांसद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति(दिशा) की बैठक हुई। इसमें जनप्रतिनिधियों ने मनमाने काम करने वाले अधिकारियों को घेर लिया। एनएचएआई, बिजली, स्वास्थ्य व जलनिगम (ग्रामीण) उनके निशाने पर रहा।
दिशा की बैठक में सांसद मुकेश राजपूत ने जनपद में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। विधायकों ने मनरेगा से कराए गए कार्य में अमृत वाटिका लगाई है, उनकी रखरखाव की व्यवस्था हो। तालाबों से मिट्टी निकलवाकर गहरा कराया जाए। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कराने की व्यवस्था की जाए।
विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि रामगंगा पुल की मरम्मत कांवड़ यात्रा के बाद कराई जाए। सांसद ने ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी संचालन की हकीकत जानने के लिए डीपीआरओ को 15 दिन के अंदर विधायकों को 10-10 आरआरसी का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। नगरपालिका के कूड़ा निस्तारण केंद्र न चालू होने पर सांसद न सवाल किया तो ईओ ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
राजनीति में दखल रखने वाले एक डॉक्टर का स्थानांतरण के नाम पास ही पीएचसी में तैनाती कर भ्रमित करने के मामले में सांसद ने सीएमओ को घेर लिया। सांसद ने कहा कि संविदा डॉक्टर समय से अस्पताल न जाकर मनमानी ड्यूटी कर हैं। उनकी उपस्थिति में चल रहा फर्जीवाड़ा तत्काल बंद किया जाए। एटा की एक महिला डॉक्टर को लेकर सवाल खड़े किए। सांसद ने कहा कि नियर एक्सपायरी दवाएं स्टोर से ही न उठाई जाएं।
बिजली विभाग के अधिकारियों को भी व्यवस्थाएं सुधारने की चेतावनी दी। सांसद ने टोल प्लाजा दहेलिया में शिफ्ट होने पर एनएचएआई के अधिकारियों से सवाल किया पुराने टोल प्लाजा का क्या होगा। इस पर अधिकारी बोले उसका भी कहीं न कहीं इस्तेमाल कर लिया जाएगा। सरकारी धन की बर्बादी को लेकर सांसद ने नाराजगी जताई। जलजीवन मिशन के तहत गांवों में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गलियों की मरम्मत न कराने पर नाराजगी जताई गई।
युवाओं को रोजगार दिलाने में जिले को प्रदेश में तीसरा स्थान मिलने पर आईटीआई के प्रधानाचार्य राजवीर सिंह की तारीफ की। विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र, पीडी कपिल कुमार, डीडीओ श्याम कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।