औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती को मिले बढ़ावा
फर्रुखाबाद। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोरोना काल में भी काढ़ा से लेकर अन्य औषधियों तक ने अपनी अलग छाप छोड़ी है। इसको देखते हुए भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने की मांग की है।
भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार ने औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री को 7 सूत्री मांगपत्र भेजा है। इसमें कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी में भारतीय आयुुर्वेद चिकित्सा पद्धति कारगर साबित हुई है। काढ़ा व अन्य जड़ीबूटी से उपचार की परंपरा भी बढ़ी है।
देश में इन दिनों औषधीय पौधों का करीब 3211 करोड़ का वार्षिक कारोबार है। इससे औषधीय व्यापार बढ़ने की बड़ी संभावनाएं ंहैं। औषधीय व सुगंधित पौधों की राष्ट्रीय उपज का प्रदेश में 25 फीसद, जबकि मध्य प्रदेश में 44 फीसद उत्पादन होता है।
इससे प्रदेश में इसकी उपज व किसानों की आमदनी बढ़ने का बड़ा जरिया बन सकता है। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर व कन्नौज का उदाहरण देते हुए औषधीय व सुगंधित पौधों का उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना बनाने, अनुदान देने, कारखाने लगाने को प्रोत्साहन देने, जड़ी बूटी का अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ाने की मांग की है।