फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ की ट्रांजिस्ट हास्टल स्थित गोशाला गोवंशों की कब्रगाह बन गया है। इसमें लगातार तीसरे दिन बुधवार को फिर एक गोवंश की मौत हो गई। ती दिन में मरने वाले गोवंशों की संख्या छह हो गई। जबकि तीन बीमार गाएं अंतिम सांसें गिन रही हैं। एडीएम ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इसके साथ ही रोज गोशाला न जाने पर पशु चिकित्सक को फटकार लगाई।
नगरपालिका की ट्रांजिट हास्टल स्थित गोशाला में सोमवार को चार, मंगलवार को एक गोवंश की मौत होने के बाद बुधवार को भी एक गोवंश ने दम तोड़ दिया। जबकि तीन बीमार गाय अचेत पड़ी हैं। बुधवार को अपर जिलाधिकारी विवेक श्रीवास्तव, सीवीओ डा. राजकिशोर सिंह ने गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था देखने के साथ भूसा व दाना की जानकारी ली। वहीं प्रतिदिन गोशाला न जाने पर व इलाज के अभाव में गोवंश मरने पर एडीएम ने पशु चिकित्सक को फटकार लगाई। कहा कि गोवंश के इलाज को प्रतिदिन पशु चिकित्सक का गोशाला में विजिट होना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। नगरपालिका के लिपिक विनय कश्यप ने बताया कि चार माह के एक बछड़े की मौत हुई है। गंभीर रूप से बीमार तीन गायों का भी बचना मुश्किल लग रहा है।
हालांकि इलाज चल रहा है। वहीं पशु चिकित्सक देवेंद्र कुमार का कहना है कि शहर के गोवंश विचरण के दौरान पॉलिथीन खाए हुए हैं। इनके लिए हरा चारा अति आवश्यक है। जिससे आंतों में चिकनाहट बनी रहे। सूखा भूसा खाने से दिक्कतें आ रहीं हैं। इसी वजह से बीमार गोवंशों को बचाना मुश्किल पड़ रहा है। एडीएम ने बताया कि गोशाला में भूसा व दाना पर्याप्त मिला। हरे चारे की व्यवस्था नहीं थी। इलाज के लिए पशु चिकित्सक को प्रतिदिन गोशाला जाने के निर्देश दिए गए हैं। बीमार गायों का उन्होंने अपने सामने इलाज भी कराया।