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दुकान खाली, खुद नाली पर और सड़क पर सामान

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हर के नेहरू रोड पर फुटपाथ तक सजी दुकान। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। ‘दुकान खाली, खुद नाली पर और सड़क पर सामान’ की तस्वीर देखनी हो, तो शहर के घुमना बाजार, चौक, लोहाई रोड, लिंजीगंज, रेलवे रोड या अन्य किसी भी रोड पर चले जाएं। कुछ दुकानदारों ने अपने वेतनभोगी कर्मियों को सड़क से सटाकर ऊंचे स्टूल पर बैठा दिया है। उनका काम हर आने-जाने वालों की तरफ इशारा करके दुकान पर बुलाना है। शहर में जाम लगे, या कुछ हो। उसका स्टूल नहीं हट सकता। इसका खामियाजा कोई और नहीं, बल्कि सड़क पर से गुजरने वाले राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
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शहर में किराना कारोबारी हों या बर्तन, कपड़ा, रेडीमेड, जनरल स्टोर अथवा अन्य कोई भी ट्रेड। हर किसी का एक ही दुखड़ा है, ग्राहक नहीं आते। सवाल कि आखिर ग्राहक गए कहां, उनका जवाब- शॉपिंग स्टोर ने बड़ा नुकसान किया। इस बात में दम है, मगर इतना नहीं। सच तो यह है कि इसके लिए कुछ हद तक खुद दुकानदार भी जिम्मेदार हैं। क्योंकि हर दुकानदार अपने पड़ोसी को फुटपाथ पर सामान रखने की बात कहकर खुद बाहर ही बैठना ज्यादा पसंद करता है। हालात ऐसे हो चले हैं कि दुकानों के अंदर माल कम, फुटपाथ पर ज्यादा रहता है। दुकानदार खुद नाली के ऊपर बैठते हैं।
अब ग्राहक जब खरीदारी करने आता है, तो वह अपना वाहन कहां खड़ा करे, सड़क पर करता, तो जाम लग जाता है। ऐसे में ग्राहक बाजार में खरीदारी करने के बजाय शॉपिंग स्टोर में जाना ज्यादा पसंद करता है। यदि दुकानदार फुटपाथ खुद ही खाली कर दें, तो यातायात सुगम हो जाए। लिहाजा ग्राहक बाजार में आने के लिए प्रभावित हो। इसका फायदा उन्हीं दुकानदारों को होगा।
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‘यह बात सच है कि रोड पर अतिक्रमण का दुकानदारों को ही नुकसान होता है। सभी दुकानदार सामान अंदर रखें, तो ग्राहक आराम से वाहन पार्क करें और खरीदारी करें। शॉपिंग स्टोर जाने के बजाय बाजार में रुके।’
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- कमलेश गुप्ता, अध्यक्ष, व्यापार मंडल लिंजीगंज।
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