Preparations for GST recovery started on service firm
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सेवा प्रदाता फर्म ने बीएसए कार्यालय से भुगतान लेने के बावजूद जीएसटी नहीं जमा किया। सीडीओ के आदेश पर शुरू हुई जांच में घपला खुलकर सामने आ गया। वाणिज्य कर विभाग से फर्म को नोटिस भेजा गया था। इसका जवाब न मिलने पर वाणिज्य कर विभाग ने फर्म से रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग से सर्व शिक्षा अभियान के तहत सेवा प्रदाता फर्म उदयवीर लोक कल्याण समिति ने अनुबंध के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक लेखाकार सहित कुल 18 संविदा कर्मी उपलब्ध कराए थे। वित्तीय मामले में अनियमितताओं की शिकायत पर सीडीओ ने समिति गठित कर जांच कराई।
इसमें बीएसए से भुगतान लेने के बावजूद 10.38 लाख रुपये वाणिज्य कर विभाग में जमा न करने का खुलासा हुआ। वाणिज्य कर विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 से लेकर 2019 की पत्रावलियों का अवलोकन किया गया। इसमें फर्म द्वारा टैक्स का कोई भुगतान नहीं किया गया। जनवरी में फर्म का जीएसटी पंजीकरण भी कैंसिल किया जा चुका है।
टैक्स जमा न करने पर वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर ने 19 सितंबर को फर्म को नोटिस भेजा। इसमें कहा कि कुल 10.38 लाख के टैक्स में 2.28 लाख जीएसटी लागू होने से पूर्व का सर्विस टैक्स है। जबकि 8.10 लाख जीएसटी है।
डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर रामसिंह ने बताया कि नोटिस की समय अवधि पांच अक्तूबर को समाप्त हो रही है। अब तक फर्म ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। शनिवार तक यदि भुगतान नहीं हुआ तो फर्म से 25 फीसदी पेनाल्टी के साथ जीएसटी की रिकवरी कार्रवाई की जाएगी।