भोलेपुर स्थित वैष्णो देवी मंदिर में सजा मां का दरबार।
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पिता के कुल की रक्षा का संदेश देने वाली नवदुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायनी देवी का शुक्रवार को विशेष पूजन हुआ। भक्तों ने देवालयों के अलावा घरों में भी ढोलक की थाप और मजीरों की धुन पर छंदों से माता को रिझाने का प्रयास किया। जिले भर के देवी मंदिर दिन भर मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहे। भक्तों का भी देवी के दर्शन को रेला उमड़ता रहा।
शारदीय नवरात्र के छठे दिन तपबल से कात्यायन ऋषि के घर जन्मी माता कात्यायनी का शुक्रवार को विशेष पूजन किया गया। सरस्वती के लिए समर्पित माता के इस स्वरूप का छात्र-छात्राओं ने विद्या अर्जित करने को साधना की।
शहर के बढ़पुर स्थित माता शीतला देवी मंदिर, गुरुगांव देवी मंदिर, फतेहगढ़ के भारतमाता मंदिर, भोलेपुर के मां वैष्णो देवी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह पांच बजे से भक्तों की कतारें लग गईं। मंदिरों के साथ घरों में भी देवी गीतों, छंदों का दौर चलता रहा।
शाम को घरों में बहनों ने गीत गाए। मंदिरों में भक्तों की सुरक्षा को महिला-पुरुष पुलिस बल तैनात रहा। उधर मंदिर भी देवी के मंत्रों से गूंजते रहे जबकि घरों में भी भक्तों के व्रत व पूजन का सिलसिला जारी रहा।