फर्रुखाबाद। शमसाबाद ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भिड़ौर की प्रधान के खाते से विकास कार्यों का तीन लाख रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया गया। डीपीआरओ की जांच में प्रधान व सचिव वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए। नोटिस का जवाब मिलने के बाद डीपीआरओ ने कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
ग्राम पंचायत भिड़ौर के विकास कार्यों में गोलमाल की शिकायत पर डीपीआरओ ने 23 अप्रैल को गांव पहुंचकर जांच की। प्रधान जय देवी व सचिव ग्राम विकास अधिकारी आदित्य वर्मा के न मिलने से डीपीआरओ अभिलेख नहीं देख सके। सचिवालय बंद होने से विकास कार्यों का भी सत्यापन भी नहीं हो सका था।
उन्होंने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से जांच की तो पता चला कि प्रधान जय देवी के खाते में ग्राम पंचायत निधि के खाते से वित्तीय वर्ष 2024-25 में तीन लाख दो हजार 985 रुपये भुुगतान किया गया है। डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने प्रधान व सचिव को वित्तीय अनियमितता का दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि नोटिस के जवाब में प्रधान ने शासनादेश की जानकारी न होने की बात कहकर बचने का प्रयास किया है। जबकि सचिव ने जवाब में कहा कि प्रधान के पति ने दबाव बनाकर भुगतान कराया। इसके अलावा शासनादेश की जानकारी न होने का भी तथ्य देकर गलती स्वीकार की है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत के खाते में कुछ धनराशि जमा भी कर दी गई है। इससे वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हो रही है। फिलहाल उन्होंने पूरी जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेज दी है। कार्रवाई जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी।