ओपीडी के सामने खुले में फेंक दीं पीपीई किट
फर्रुखाबाद। डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी के सामने खाली मैदान में खुले में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किटों को फेंक दिया गया है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल में जैविक कचरा प्रबंधन की भी व्यवस्था है। फिर भी अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती नहीं कर रहा है।
लोहिया अस्पताल में इस वक्त ओपीडी के अलावा आइसोलेशन वार्ड और कोरोना जांच को ट्रूूनेट मशीन संचालित है। कोरोना जांच में लगे स्वास्थ्य कर्मचारी पीपीई किट का प्रयोग कर रहे हैं। यही नहीं अस्पताल में चार-पांच पॉजिटिव मरीज भी निकल चुके हैं। दो बार ओपीडी, एक बार इमरजेंसी, एक बार आइसोलेशन वार्ड और एक बार लोहिया महिला अस्पताल भी सील हो चुका है।
इससे साफ है कि संक्रामक रोगों से ग्रसित लोगों का आना-जाना बना रहता है। इसके बाद भी अस्पताल कर्मियों ने लापरवाही दिखाते हुए पीपीई किटों का इस्तेमाल करने के बाद ओपीडी के सामने और होम्योपैथिक अस्पताल के पास खुले में फेंक दिया है। इन किटों के आसपास जानवरों के अलावा दूर गांवों से आए महिला, पुरुष शौच और लघुशंका करते देखे जा सकते हैं। पीपीई किट खुले में पड़ी होने से लोगों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
डीएम भी लगा चुके हैं फटकार
चार महीने पहले जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह लोहिया अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे, तो उनकी नजर खुले में पड़े जैविक कूड़े पर पड़ गई थी। उन्होंने सीएमएस से जवाब-तलब किया था। बावजूद इसके अस्पताल के जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
‘खुले में जैविक कचरा डालने से पूरी तरह मनाही है। यदि पीपीई किट पड़ी हैं, तो मामला गंभीर है। शनिवार को पूरे मामले की जांच कर, जिम्मेदारों से जवाब तलब करेंगे।’
-डा. एसपी सिंह, सीएमएस लोहिया अस्पताल