फोटो-10 लोहिया अस्पताल में बिजली आने पर एक्सरे रूम के बाहर बैठे मरीज। संवाद
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के डिजिटल एक्सरे यूनिट का अलग जनरेटर होने के बावजूद कागजों में ही चलाया जाता है। शुक्रवार को ढाई घंटे बिजली गुल रहने के बावजूद जनरेटर नहीं चलाया गया। मरीजों की भीड़ में कई बार धक्का मुक्की हुई। गार्डों ने बमुश्किल शांत किया परेशान होकर करीब 50 मरीज बिना एक्सरे कराए ही लौट गए।
लोहिया अस्पताल में दो आर्थो सर्जन तैनात हैं। औसतन रोजाना 200 से अधिक मरीजों का आना होता है। 90 से 100 तक मरीजों का रोजाना डिजिटल एक्सरे किया जाता है। इससे खासी भीड़ रहती है। दूरदराज से आने वाले मरीजों की सहूलियत के लिए बिजली गुल होने पर जनरेटर से आपूर्ति शुरू कर एक्सरे मशीन चालू रखने की व्यवस्था है। इसके बावजूद ऑपरेटर जनरेटर नहीं चलाता। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई। इसके बाद भी जनरेटर नहीं चलाया गया। एक्सरे रूम के बाहर दर्द से परेशान मरीजों और परिजनों ने हंगामा कर धक्का मुक्की शुरू कर दी। एक्सरे यूनिट कर्मियों ने कई बार जनरेटर चलाने के लिए कहा, मगर खराब होने की बात कह दी गई। हंगामा होते ही पहुंचे गार्डों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। काफी देर इंतजार के बाद मरीज बिना एक्सरे कराए ही घरों की ओर चले गए।
करीब ढाई घंटे बाद डेढ़ बजे बिजली आने पर बमुश्किल 40 एक्सरे हो सके। करीब 50 मरीजों को बिना एक्सरे कराए ही लौटना पड़ा। इससे लोगों को खासी दिक्कत हुई। एक्सरे टेक्नीशियन विजय विजयशंकर तिवारी ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। सुबह ऑपरेटर का फोन आया था कि जनरेटर चालू नहीं हो रहा है। इससे पहले उसमें किसी तरह की खराबी की सूचना नहीं दी गई। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि जनरेटर में कुछ खराबी आई है। उसे तुरंत दुरुस्त कराने के लिए कह दिया गया है।