फर्रुखाबाद। बिहार में मांग बढ़ने से सातनपुर मंडी में सोमवार को आलू का भाव 200 रुपये क्विंटल उछला है। आवक भी तीन गुना बढ़कर 5000 पैकेट पहुंच गई। मंडी में व्यापारियों की संख्या बढ़ने से किसानों को तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा।
जनपद में किसानों की आलू की कच्ची फसल तैयार होने से सातनपुर मंडी में आलू की आवक भी दिनों-दिन बढ़ने लगी है। सुबह मंडी में करीब 5000 पैकेट आलू पहुंचा। बिहार में आलू दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक तैयार होगा। इससे फर्रुखाबादी नए आलू की वहां मांग बढ़ी है। इससे व्यापारी भी मंडी का रुख कर रहे हैं।
आढ़तों पर सुबह से किसानों के पहुंचने के साथ व्यापारी भी आलू खरीद के लिए बोली लगाने लगे। 451 रुपये से लेकर 585 रुपये प्रति पैकेट (50 किलो भर्ती) के हिसाब से बिक्री हुई। आलू का भाव बढ़ने और लिवाली अच्छी रही। वहीं रविवार को सातनपुर मंडी में 1600 पैकेट की आवक रही थी और 351 रुपये से लेकर 501 रुपये प्रति पैकेट बिक्री हुई थी।
मंडी में आलू की आवक तीन गुनी बढ़ने के साथ भाव में उछाल से किसानों के चेहरे खिल गए। दूसरे प्रांतों से आलू की मांग बढ़ने से किसानों को भाव बढ़ने की उम्मीद है। सातनपुर मंडी में गत वर्ष एक दिसंबर को 1000 पैकेट आलू पहुुंचा था। तब आलू का भाव 1200 रुपये से लेकर 1300 रुपये पैकेट था। इस हिसाब से गत वर्ष के सापेक्ष इस बार आलू भाव आधा है।
दो ट्रक आलू बिहार के लिए रवाना
आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू ने बताया कि बिहार में आलू की मांग बढ़ने से भाव में उछाल आया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह मांग आती रही तो आलू भाव और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मंडी से दो ट्रक आलू बिहार के लिए रवाना किया गया है। सोमवार को भी 35000 पैकेट आलू की रैक लोड की गई। आलू व्यापारी बृंदावन मिश्र ने बताया कि यह पांचवीं रैक असम के लिए लोड की गई है। असम से आलू की मांग आने पर फिर रैक लोड की जाएगी।
करीब तीन लाख क्विंटल अभी आलू भंडारित
जनपद में 109 शीतगृह संचालित हैं। इनमें इस वर्ष सात लाख 79 हजार 685 मीट्रिक टन आलू भंडारित था। अभी तक आलू भाव की मंदी के चलते शीतगृह खाली नहीं हो सके हैं। करीब चार प्रतिशत यानी तीन लाख क्विंटल से अधिक आलू अभी भी भंडारित है। पुराना आलू खत्म न होने पाने से नए आलू का भाव भी किसानों को अच्छा नहीं मिल पा रहा है। हालांकि आसाम से आलू की मांग लगातार आने से पुराने आलू की रैकें भी लोड हो रही हैं।