फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में इस बार आलू की मंदी से किसान उबर नहीं पाए। इन दिनों शीतगृहों से बाहर खेतों व बागों में रखा गया आलू अब अंतिम दौर में है। इसके बावजूद भाव में कोई सुधार नहीं हुआ।
जनपद में किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इस बार भाव की मंदी के चलते किसान व व्यापारियों ने शीतगृहों में आलू का भंडारण जमकर किया है। जिले में 113 शीतगृह संचालित हैं। लगभग सभी शीतगृहों में क्षमता का 90 फीसदी से अधिक आलू भंडारित है। इसके अलावा किसानों ने हजारों क्विंटल आलू खेत व बागों में ढेर लगा रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि भाव बढ़ने पर वह आलू बेचेंगे। भाव न बढ़ने से धीरे-धीरे बागों में लगे आलू के ढेर भी अब खत्म हो गए हैं। इन दिनों सातनपुर मंडी में तीन-चार ट्रक ही आलू पहुंच रहा है। इसके बावजूद भाव में कोई सुधार नहीं हुआ। 150 रुपये लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक ही आलू की बिक्री हो रही है। इससे आलू के पूरे सीजन में भाव की मंदी के चलते किसानों के चेहरे पर मुस्कान नहीं दिखी।
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