फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गैसिंगपुर बिजली उपकेंद्र की 33केवी लाइन की केबल जलने से नौगवां उपकेंद्र भी लगातार 13 घंटे ठप रहा। इससे दोनों उपकेंद्रों से जुड़े करीब 160 गांवों के उपभोक्ता रात भर बिजली न मिलने भीषण गर्मी में परेशान रहे। घरों के इन्वर्टर भी जवाब दे गए। वहीं बिजली कर्मचारी रात भर मरम्मत कार्य में जुटे रहे।
बिजली उपकेंद्र गैसिंगपुर व नौगवां को एक ही 33केवी लाइन से बिजली मिलती है। बुधवार शाम करीब चार बजे गांव निसाई स्थित 220केवी उपकेंद्र के पास अंडरग्राउंड केबल के ओवरहेड के पास झाड़ियों में आग लग गई। इससे 33केवी लाइन की केबल क्षतिग्रस्त होने से दोनों उपकेंद्र ठप हो गए। जानकारी पर पहुंचे बिजली कर्मचारियों ने किसी तरह आग बुझाई। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। वहीं केबल जलने से गैसिंगपुर व नौगवां उपकेंद्र से जुड़े 160 गांव के 80 हजार से अधिक उपभोक्ता बिजली न मिलने से रात में गर्मी में परेशान रहे। गैसिंगपुर उपकेंद्र से जुड़े गांव निसाई, मुड़गांव, गैसिंगपुर, कुरेली, मतापुर, अलीदादपुर, नगला समई, ऊगरपुर सहित करीब 80 गांव व नौगवां उपकेंद्र से जुड़े गांव नसरतपुर, बहादुरपुर, नौगवां, नगरिया, करीमनगर, देवधरापुर, टाड़ा बहरामपुर सहित 80 से अधिक गांव में घरों में लगे इन्वर्टर भी दगा दे गए।
इससे भीषण गर्मी में लोगों की रात में नींद हराम हो गई। इधर बिजली कर्मचारी रात भर केबल की मरम्मत करने में जुटे रहे। बृहस्पतिवार भोर करीब पौने पांच बजे मरम्मत कार्य पूरा होने के साथ दोनों उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति चालू हो सकी। इसी के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शुरू की जा सकी। अवर अभियंता कैलाश चंद्र पाठक ने बताया कि रात भर केबल मरम्मत का कार्य चलता रहा। मरम्मत के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
150 गांवों में 10 घंटे भी नहीं हो रही बिजली आपूर्ति
कंपिल। बिजली उपकेंद्र रुटौल के फीडर पितौरा, कंपिल, भटासा न्यू, भटासा ओल्ड सहित पांच फीडरों से कस्बा सहित क्षेत्र के करीब 150 गांवों में बिजली दी जाती है। पिछले एक माह से कटौती के चलते रात में पांच घंटे भी बिजली न मिल पाने से लोगों की नींद हराम है। शाम सात से 10 बजे तक और रात में दो से तीन घंटे अघोषित कटौती की जा रही है। दिन में भी बमुश्किल पांच घंटे ही बिजली दी जा रही है। इससे शासन के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों को अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। बिजली कटौती से लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। अवर अभियंता मनोज पटेल ने बताया कि जितनी ट्रांसमिशन से बिजली मिलती है, उतनी दी जा रही है। अधिशासी अभियंता कायमगंज शिवशंकर ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से तीन घंटे दिन में और तीन घंटे रात में कटौती की जा रही है। (संवाद)