फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में गुरुवार को आलू की आवक दोगुनी होने से भाव धड़ाम हो गया। करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल भाव गिरने से किसानों में मायूसी आ गई। वहीं, आलू आढ़ती भी चिंतित दिखे। किसानों का कहना है कि यदि और भाव गिरा तो फायदा तो दूर की बात घाटा होने की आशंका है।
सातनपुुर मंडी आलू की बड़ी मंडियों में गिनी जाती है। यहां पांच जनपदों के किसान अपना आलू बेचने पहुंचते हैं। इनमें अपने जिले के अलावा शाहजहांपुर, हरदोई, मैनपुरी व कन्नौज के किसान आलू लेकर आते हैं।
अभी तक मंडी में औसतन करीब 20-25 ट्रक आलू आ रहा था तो किसानों को भाव भी अच्छा मिल रहा था। पिछले तीन दिन से मंडी में आलू की आवक बढ़ी तो भाव गिरने लगा।
मंगलवार को करीब 35 ट्रक आलू पहुंचा तो भाव 1400 से 1500 रुपये पैकेट(50 किलो) बिका। बुधवार को करीब 55 ट्रक आलू मंडी आया तो बिक्री 1200 से 1450 रुपये प्रति पैकेट हुई।
गुरुवार अचानक आलू की आवक 100 ट्रक के पार पहुंच गई। इससे भाव भी धड़ाम हो गया। 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल भाव गिर गया। गुरुवार को आलू 900 रुपये से 1200 रुपये प्रति पैकेट बिका। भाव में इतनी बड़ी गिरावट से किसानों के चेहरे पर मायूसी आ गई।
मंडी में आए गांव पट्टी खुर्द निवासी किसान वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जिन किसानों ने आलू का बीज खरीदकर बोया है, उनकी लागत करीब 15000 रुपये प्रति बीघा आई है। 20-22 पैकेट प्रति बीघा उत्पादन है। 1000 रुपये प्रति पैकेट से कम भाव मिलने पर किसान को आलू में फायदा नहीं होगा।
नवाबगंज के गांव जानकीपुर निवासी पप्पू शाक्य का कहना है कि उन्होंने चार बीघा आलू बोया था। 20 पैकेट प्रति बीघा उत्पादन हुआ। उन्होंने खेत में ही 1200 रुपये प्रति पैकेट आलू बेचा है। उन्होंने कहा कि यदि भाव और गिरा तो किसानों को कच्ची फसल में घाटा हो जाएगा।
गांव ढुडियापुर निवासी धर्मेंद्र सिंह यादव का कहना है कि तेजी से गिर रहा आलू भाव किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। उन्होंने मंडी में फोन कर पूछा तो भाव 1000 रुपये पैकेट बताया गया। इससे उन्होंने खेत में ही 1225 रुपये पैकेट आलू बेच दिया।
गांव बेग निवासी सुनील मिश्रा ने बताया कि 1500 रुपये पैकेट आलू का बीज मिलने से प्रति बीघा 15 से 16 हजार रुपये लागत आई है। 1200 रुपये प्रति पैकेट आलू बिकने से किसान को कुछ भी बचने वाला नहीं है।
आढ़ती राजीव कुमार उर्फ बंटी का कहना है कि उनकी आढ़त पर आलू 900 से 1100 रुपये प्रति पैकेट आलू बिका है। आवक अधिक होने से आलू का भाव गिरा है। सर्वाधिक आलू 1000 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बिका है। यदि आलू की आवक बढ़ी तो भाव और गिरने की आशंका है।
आढ़ती फार्रुख हसन ने बताया कि अब मंडी में आलू की आवक बढ़ी है। इससे भाव गिर रहा है। मंडी में आलू की आवक पर ही भाव निर्भर होता है।
आलू आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सुधीर वर्मा उर्फ रिंकू ने बताया कि मंडी में करीब 100 से 110 ट्रक आलू आया है। स्थानीय किसानों के अलावा पड़ोसी जनपदों के भी किसान आलू लेकर आए। इससे आवक दोगुनी हो गई। इसी वजह से आलू 900 रुपये से 1200 रुपये प्रति पैकेट के भाव से बिका। भाव गिरने से किसान मायूस दिखे। इससे कम रेट पर आलू नहीं बिकना चाहिए।