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आलू किसान तबाह, महकमा खामोश

Sun, 22 Feb 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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आलू किसान मटियामेट हो रहे हैं। लगातार गिर रहे भाव से किसानाें को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। बावजूद इसके आलू विकास विभाग के पास आलू किसानाें के लिए कोई योजना नहीं है। आम आदमी पार्टी व महान दल ने सोमवार से आंदोलन का एलान किया है। वरिष्ठ नागरिक रक्षक समिति भी आलू किसानाें के हक में उतर आई है। समिति ने आलू का समर्थन मूल्य तय करने की मांग उठाई है।
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होली नजदीक है। खर्च के लिए किसान आलू की बिक्री करने में लगे हैं। रोज 4 से 6 हजार क्विंटल आलू सातनपुर मंडी में बिकने पहुंच रहा है। पश्चिम बंगाल, बिहार व असम में जिले के आलू की नो इंट्री है। इससे खपत नहीं हो पा रही है। गड्ड आलू का भाव 150 रुपये प्रति क्विंटल के करीब आ गया। बेहतर गुणवत्ता के आलू का भाव भी 400 रुपये से ऊपर नहीं बढ़ रहा है। इससे किसान घाटे में हैं।

आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक अजय फौजी व महान दल के जिलाध्यक्ष सर्वेश शाक्य ने सोमवार से किसानाें के हित में आंदोलन का एलान किया है।रविवार को वरिष्ठ नागरिक रक्षक समिति ने आलू का समर्थन मूल्य 10 रुपये किलो व गेहूं का समर्थन मूल्य 20 रुपये किलो किए जाने की मांग की।
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गेहूं उपज पर 100 फीसदी सब्सिडी देने की भी मांग की गई। समिति के यदुनंदनलाल गोस्वामी ने आलू पार्क की मांग की है। इनका कहना है कि पार्क में आलू व गेहूं के प्रोडक्ट तैयार किए जाएं। सर्वोदय मित्र मंडल के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि सरकार आलू की खरीद करवाए।
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वर्जन
अभी आलू के सरकारी खरीद करने कीे कोई योजना नहीं है। शासन को रोज आलू के भाव भेजे जा रहे हैं। शासन से निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
नैपाल राम, आलू विकास अधिकारी
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