फर्रुखाबाद। जिले में रविवार को हुए ब्लाक प्रमुख के चुनाव ने सर्व शिक्षा अभियान और अनौपचारिक शिक्षा की पोल खोल दी है। वर्ष 2000 में ही शत-प्रतिशत साक्षरता की रिपोर्ट विभाग शासन को भेज चुके हैं। इसके बाद केवल दो विकास खंडों में ही 56 बीडीसी सदस्य निरक्षर मिले हैं। इसका जवाब प्रशासनिक अधिकारियों के पास नहीं है।
विकास खंड मोहम्मदाबाद में हुए चुनाव में 128 बीडीसी सदस्यों में से 33 अंगूठा टेक निकल गए, जिनके लिए प्रशासन को हेल्पर देना पड़ा। इन अंगूठा टेकों में सत्यराम निवासी उखरा, प्रदीप कुमार निवासी सिरौली, सीता देवी निवासी भरतपुर, मंजीत कुमार निवासी दनियामानपुर, दयावती निवासी पुनपालपुर, सूरजभान निवासी नगला बाग आदि के नाम शामिल हैं।
इसी तरह कमालगंज में 23 निरक्षर बीडीसी सदस्य निकले हैं। इनमें कृपांती, जयदेवी, शमीमजादी, सीता देवी, नाजरीन, आसमा बेगम, कृष्णा देवी, फूल कुमारी, गुड्डी देवी, स्नेहलता, रिंकी, रामा, सुनीता देवी, अली हसन, फहमीदा बेगम, प्रकाश कुमार, शृंगार वती, मंसूर, मोहम्मद छोटे, मुन्ने निवासी, हरीमोहन, ताजीम बख्श और सुखवीरा देवी शामिल हैं।
वर्ष 2000 में यहां जब अनौपचारिक शिक्षा को समाप्त किया गया तो यहां से शत-प्रतिशत साक्षर होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। जिस तरह से विकास खंड मोहम्मदाबाद में 128 में से 33 निरक्षर और विकास खंड कमालगंज में 138 बीडीसी सदस्यों में से 23 निरक्षर निकले हैं। इससे सर्व शिक्षा अभियान और शत-प्रतिशत साक्षरता की पोल खुल गई है।