फर्रुखाबाद। नए कृषि कानूनों के विरोध में समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित किसान यात्रा पुलिस की सख्ती से नहीं निकल सकी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कार्यालय में ही कैद कर दिया।
चंद कार्यकर्ता निकले, तो शहर के जोनल मजिस्ट्रेट और सीओ से नोकझोंक हुई। बाद में 50 कदम दूर लोहिया प्रतिमा तक जाने दिया। पार्टी नेता ने ज्ञापन पढ़ा और जोनल मजिस्ट्रेट को सौंप दिया। इसके बाद सपाई घरों को चले गए। शाम तक पुलिस का पहरा बना रहा।
सपा ने सोमवार को राष्ट्रीय आह्वान पर आवास विकास कालोनी स्थित लोहिया प्रतिमा से कई गांवों में होते हुए फतेहगढ़ लोहिया प्रतिमा तक किसान यात्रा निकालने का फैसला लिया था।
शहर के जोनल मजिस्ट्रेट अतिरिक्त एसडीएम नरेंद्र सिंह, सीओ राजवीर सिंह ने सुबह ही पुलिस बल के साथ कार्यालय में ही सभी सपाइयों को कैद कर दिया। सुबह 11 बजे बाहर निकलने का प्रयास किया, तो सपा नेता डॉ. जितेंद्र यादव और सचिन यादव की अधिकारियों से काफी नोकझोंक हुई। बाद में कुछ नेताओं को लोहिया प्रतिमा तक जाने दिया गया।
इसके बाद नेताओं ने कहा, जो भी नेता कार्यालय में हैं, उन्हें भी आने दिया जाए। जब तक सभी नेता यहां नहीं आएंगे, ज्ञापन नहीं दिया जाएगा।
मजिस्ट्रेट ने अन्य नेताओं को भी प्रतिमा पर बुलवा लिया। इसके बाद पार्टी नेता मंदीप यादव ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन पढ़कर सुनाया। बाद में मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह को सौंप दिया। इससे पूर्व नेताओं ने लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। ज्ञापन देने वालों में राघव दत्त मिश्रा, राहुल भाटिया, शशांक सक्सेना, तोषित प्रीत सिंह, महेंद्र सिंह कटियार, अनुराग यादव, आनंद गिहार आदि थे।
काफी जद्दोजहद के बाद जोनल मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने सपा नेताओं को अपना माइक दे दिया। कहा, माइक से ज्ञापन पढ़ दो। मंदीप यादव ने उसी माइक से ज्ञापन पढ़कर सुनाया।
राष्ट्रीय आह्वान पर होने वाले कार्यक्रम में न तो जिलाध्यक्ष मोहम्मद नदीम फारुकी पहुंचे और न ही पूर्व सांसद मुन्नू बाबू। यही नहीं अन्य पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता भी नजर नहीं आए। इसकी खासी चर्चा रही।
कायमगंज। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को किसान यात्रा रवाना करने के लिए कन्नौज जाने को लखनऊ आवास से निकले तो पुलिस ने रोक लिया।
इसके विरोध में सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी के नेतृत्व में पूर्व विधायक अजीत कठेरिया व 12 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया।
पूर्व विधायक ने कहा सपा मुखिया की गिरफ्तारी सरकार की तानाशाही है। उनकी शीघ्र ही रिहाई की जाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार लोकतंत्र का हनन कर रही है। कार्यकर्ता किसानों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे और किसान यूनियन के आंदोलन में मंगलवार को उनका सहयोग करेंगे।
इस दौरान पूर्व जिला उपाध्यक्ष अनिल गंगवार, रामशरन कठेरिया, आनंद यादव, शिवम यादव, राका मंसूरी, नसीम, अकमल आदि मौजूद रहे।
शहर की आवास विकास कालोनी स्थित लोहिया प्रतिमा के पास तैनात फोर्स। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD