अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। सराफा व्यापारी से लूट के मामले में पुलिस ने छिनौती में मुकदमा दर्ज किया है। चारों बदमाश शाहजहांपुर से व्यापारी की रेकी करते हुए आए थे।
थाना क्षेत्र के गांव करनपुर दत्त निवासी रामनाथ उर्फ कमलेश की जनपद शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर के ढाइगांव में सराफा की दुकान है। वह रविवार को शाम लगभग 4:30 बजे दुकान बंद करके बाइक से घर वापस आ रहे थे। गांव खुशहाली नगला व जगदीशानंद आश्रम के बीच में पीछे से दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने सराफ की जेब में रखे पांच हजार रुपये, मोबाइल, डिकी में रखी 100 ग्राम चांदी, नाक की नथनी व प्रपत्रों से भरा झाेला लूट लिया। पुलिस ने लूट के मामले में सराफ की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ छिनैती की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस मामले में एसओ मीनेश ने बताया कि चारों बदमाशों ने छिनैती की वारदात को अंजाम दिया है।
बैग जब डिकी में था तो कैसे हो सकती छिनैती
पुलिस के लूट की जगह पर छिनैती की धारा में मुकदमा दर्ज करने पर कई सवाल उठ रहे हैं। बदमाशों ने सराफ को रोका और जेब से पांच हजार रुपये व मोबाइल निकाला। इसके बाद उसकी बाइक की डिकी से जेवर से भरा थैला लूटा, तो ऐसे में यह घटना छिनैती की कैसे हो सकती है। सूत्रों की मानें तो लूट एसआर केस है और शासन तक इसकी रिपोर्ट जाती है। शासन को गुमराह करने के लिए इसको छिनैती का रूप दिया गया है। बीएनएस धारा 304(2)
भारतीय न्याय संहिता में छिनौती की धारा 304(2) है। इसमें महज तीन वर्ष की सजा है। यह अपराध गैरजमानती है। पहले धारा 356 में छिनौती की रिपोर्ट दर्ज की जाती है। पुलिस खुलासा होने पर लूट की धारा की बढ़ोतरी कर लेती है। अगर केस नहीं खुला तो छिनौती में जांच के बाद फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।