फर्रुखाबाद। पाइप बनाने वाली फैक्टरी के संचालक ने फांसी लगा ली। वह शनिवार की शाम फैक्टरी में दीपक जलाने की बात कहकर घर से निकला था। पिता जब तलाशते हुए फैक्टरी पहुंचे तो बेटे को नौकर के कमरे में फंदे से लटका पाया। उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर बेटे को फंदे से उतारा और नर्सिंगहोम लेकर गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के रखा रोड बनखड़िया निवासी मेहरबान पाल का 27 वर्षीय इकलौता पुत्र प्रशांत याकूतगंज में घरों की वायरिंग में प्रयोग होने वाली पाइप बनाने की फैक्टरी चला रहा था। प्रशांत की 2 मई 2021 को कासगंज जिले के सदर कोतवाली के मोहल्ला दुर्गा कालोनी पाल वाली गली निवासी अंजली से शादी हुई थी। पहली होली के चलते अंजली मायके गई थी।
प्रशांत को शनिवार रात नौ बजे ट्रेन से पत्नी को ससुराल से लेने जाना था। वह शाम को पांच बजे घर से फैक्टरी में दीपक जलाने की बात कहकर निकल आया। साढ़े सात बजे पिता ने प्रशांत के मोबाइल पर फोन किया तो बताया कि कुछ देर में घर आ जाऊंगा। उसके बाद मेहरबान फोन करते रहे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
इस पर वह फैक्टरी पहुंचे। वहां प्रशांत की गाड़ी खड़ी दिखाई दी, लेकिन वह नहीं मिला। मेहरबान पुत्र की तलाश करते हुए नौकर के कमरे में पहुंचे तो देखा प्रशांत फंदे से लटक रहा था। यह देखकर वह चीख पड़े। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी भी आ गए।
पड़ोसियों की मदद से प्रशांत को फंदे से उतारा और रखा रोड स्थित नर्सिंगहोम लेकर गए। डॉक्टर ने प्रशांत को मृत घोषित कर दिया। प्रशांत की मौत से पिता मेहरबान, मां पुष्पा पाल, बहन सुनीला, अंजू, अर्चना बेहाल हो गईं। पिता ने पुत्र के आत्महत्या करने की तहरीर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बहन, पापा-मम्मी का ख्याल रखना
प्रशांत ने जहां फांसी लगाई, वहां से परिजनों को प्रशांत के हाथ का लिखा सुसाइड नोट मिला। उसमें प्रशांत ने लिखा कि बहन सुनीला, अंजू, अर्चना मम्मी-पापा का ख्याल रखना। मुझको किसी से शिकायत नहीं है।
भगत सिंह के फांसी लगाते हुए देखी थी मूवी
प्रशांत ने अपने मोबाइल पर शहीद भगत सिंह मूवी का वह पार्ट, जिसमें भगत सिंह को फांसी दी जा रही है को देखा था। वह कितनी देर तक जीवित रहते हैं, इसको कई बार मोबाइल पर देखा। परिजन जब मौके पर गए तो मोबाइल पर शहीद भगत सिंह की मूवी का फांसी लगाते हुुए पार्ट कई बार देखने के साक्ष्य मिले।
पति-पत्नी को जाना था वैष्णो देवी के दर्शन करने
प्रशांत को शनिवार की रात नौ बजे ट्रेन से पत्नी को ससुराल से लेने के लिए जाना था। वहां से वह रविवार की सुबह ट्रेन से दस बजे तक घर आ जाता। इसके बाद प्रशांत और अंजली की वैष्णो माता जाने के लिए रात की ट्रेन से बुकिंग थी। पति की मौत की जानकारी पर पहुुंची पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।