रविवार तड़के हुई बरसात से पलरिया नाला उफना गया। शहर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। करीब सात घंटे लोग जलभराव से जूझते रहे। हालांकि बरसात होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
शहर में हुए नाला सफाई अभियान की पोल बारिश में खुलती जा रही है। रविवार तड़के हुई करीब एक घंटे की बरसात से शहर के कई मोहल्लों में फिर जलभराव हो गया। पलरिया नाला इस कदर उफनाया कि घुटनों तक जलभराव हो गया। आलम यह रहा कि सुबह 8.30 बजे पलरिया में जलभराव हुआ और दोपहर 3.15 बजे बाद पानी निकल सका। पटेल पार्क भी तालाब में तब्दील नजर आया।
इसी के साथ छेदा चूरन सिंह वाली गली, मदारवाड़ी, तलैया फजल इमाम और गंगानगर कालोनी में भी जलभराव की समस्या रही। बजरिया निवासी राजू शिवानी का कहना है कि पलरिया नाला की सफाई ठीक तरह से नहीं कराई जाती है। यही नहीं नाले के ऊपर जाल तक नहीं डाले गए हैं, जिससे नाला उफनाने पर अनहोनी का खतरा बना रहता है।
27 दिन पहले कराई थी सफाई
27 दिन पहले ही पलरिया मोहल्ला में पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत के आवास तक नाला की सफाई करवाई थी। शहर के अन्य नालों का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। बरसात में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं आने दी जाएगी।
- केपी सिंह (मुख्य सफाई निरीक्षक)
बारिश होने पर करना पड़ा जगराता
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना और भूसामंडी के मध्य बने नाले की सफाई न होने से वह चोक है। रविवार भोर बारिश होने पर नाले के पास रहने वाले लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ गईं। उन्होंने घरों की नालियों को बोरियां लगा कर बंद दीं, ताकि नाले का पानी नाली के सहारे घर में न भर जाए। जब तक बारिश हुई तब तक वह जगराता करते रहे।
नाले की दो बार सफाई शुरू हुई, जो दिन भर चलने के बाद बंद करा दी गई। जिस कारण नाला चोक का चोक बना हुआ है। बारिश में नाले का पानी घरों में भर जाता है। रविवार की सुबह करीब चार बजे से बारिश होनी शुरू हो गई। बारिश होते ही नाले के पास रहने वाले लोगों की नींद टूट गई। वह घरों में नाले का पानी न भरे, इसके बचाव में जुट गए। किसी ने घर की नाली में बोरी लगाई तो किसी ने दरवाजे के पास ईंट और मिट्टी लगाकर ऊंचाई कर दी। करीब सात बजे तक रुक रुक कर बारिश होने तक लोगों के दिलों में घर में गंदा पानी का डर बना रहा। जब बारिश बंद हुई तब लोगों ने राहत की सांस ली।