महीनों से जलभराव से दुखी मदारबाड़ी के तमाम लोगों ने रविवार को मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने चेयरमैन, ईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनको मौके पर बुलाने की मांग की। पल्ला चौकी प्रभारी ने ईओ से बात की, तो उन्होंने बाहर होने की बात कह दी। इस पर लोग गुस्सा गए।
दो बजे के करीब प्रभारी कोतवाल के समझाने पर लोग माने और उन्होंने सोमवार को नगर पालिका में तालाबंदी करने का एलान कर दिया। इसके बाद करीब चार बजे सफाई कर्मियों की टीम पहुंची और नाला खोलने का काम शुरू हो गया।
शहर के मोहल्ला मदारबाड़ी और छेदा चूरन वाली गली में जलभराव ने स्थायी रूप ले लिया है। यहां काफी दिनों से सड़क पर जलभराव से लोग परेशान थे। गुस्साए मोहल्ले वालों ने सुबह 11 बजे तिराहे पर जाम लगा दिया। लोग कुर्सी, बेंचें डालकर बैठ गए और नगर पालिका के चेयरमैन व ईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सभी लोग दुखी हैं।
शिकायत के बावजूद नगर पालिका ने सफाई कराने की जरूरत नहीं समझी। अब आरपार की लड़ाई होगी। सूचना मिलते ही सभासद श्यामसुंदर वर्मा, रफी अंसारी और संजीव बाजपेई भी पहुंच गए। उन्होंने ईओ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मोहल्ले वालों का साथ दिया।
दोपहर 12 बजे पल्ला चौकी प्रभारी सुनील यादव और दरोगा शंकरानंद पहुंचे, तो प्रदर्शन कारियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने ईओ से बात की, तो उन्होंने बाहर होने की बात कह दी। वे बैरंग चले गए। दो बजे प्रभारी कोतवाल हरिओम प्रकाश त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को दिक्कत हो रही है।
जाम खोल दें। इस पर लोगों ने जाम खोल दिया। तय किया कि सोमवार को नगर पालिका में तालाबंदी की जाएगी। सवा तीन घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। इसके बाद पहुंची सफाई कर्मचारियों की टीम ने नाला खोलने का काम शुरू किया।
छेदा चूरन वाली गली भी की जाम
मदारबाड़ी में जाम के बाद राहगीर छेदा चूरन वाली गली से निकलने लगे। चूंकि वहां भी जलभराव होता है, तो मोहल्ले के लोग एकजुट हो गए और उन्होंने रस्सी बांधकर जाम लगा दिया। बाद में वहां के लोगों ने भी जाम खोल दिया और एक साथ आंदोलन को तैयार हो गए।
ईओ रश्मि भारती ने बताया कि टीमें रामनगरिया में लगी थीं। लिहाजा वहां पहुंचने में देर हो गई। उन्होंने टीम भेजकर सफाई कराने का काम शुरू करवा दिया है। मोहल्ले वालों को समस्या थी, तो उन्हें सीधे सूचना देना चाहिए थी। जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। सफाई नायक को निर्देश दे दिए हैं कि अब यदि जलभराव हुआ, तो कार्रवाई होगी।