कमालगंज। बदलते मौसम के बीच नेत्र संक्रमण (आई फ्लू) फैल रहा है लेकिन सीएचसी का नेत्र विभाग खाली है। सीएचसी में नेत्र विशेषज्ञ तो हैं लेकिन सप्ताह के छह कार्य दिवसों में पांच दिन उनकी ड्यूटी क्षेत्र में रहती है। इससे लोगों को आंखों की सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए जिला मुख्यालय स्थित लोहिया अस्पताल जाना पड़ता है।
जिले के सबसे बड़े ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कन्नौज, हरदोई आदि जिले के सीमावर्ती गांवों के भी मरीज आते हैं। इन दिनों आंखों की बीमारी का प्रकोप छाया है। परिवार में एक व्यक्ति की आंख में संक्रमण होने पर अन्य सदस्यों को भी बीमारी लग जा रही है।
पांच दिन फील्ड में रहते हैं नेत्र विशेषज्ञ
-सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती जरूरत के मुताबिक नहीं है। दंत विभाग में डॉ. प्रतिभा रावत, डॉ. तनुज अरोड़ा व डेंटल हाइजीनिस्ट सतेंद्र यादव एवं राजीव कुमार कार्यरत हैं। जबकि औसतन 25 मरीज भी दांतों के नहीं आते। वहीं, नेत्र विभाग में तैनात ऑप्टोमेट्रिस्ट अरविंद की सप्ताह में पांच दिन स्वास्थ्य विभाग की भ्रमणशील टीम में ड्यूटी रहती है। नेत्र रोग का अलग से कमरा भी नहीं है।
किशोर-किशोरी स्वास्थ्य केंद्र में काउंसलर कल्पना बैठती हैं। इसी छोटे कमरे में नेत्र रोग विभाग खुला है। सिंधौली के अनूप ने बताया कि उनकी आंखों में सूजन है। आंख लाल हो गई, पानी भी आता है। सुबह उठने पर पलकें चिपक जाती हैं। रजीपुर के डॉक्टर से इलाज कराया, पर कोई फायदा नहीं हुआ। सीएचसी में आंखों के इलाज की कोई सुविधा नहीं मिली। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय यादव ने बताया कि आंखों के इलाज के लिए डॉक्टर कोई नहीं है। ऑप्टोमेट्रिस्ट हैं, वह शनिवार को ही बैठ पाते हैं। दवाएं उपलब्ध हैं।