फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी में फर्जी फर्म पर करोड़ों का कारोबार होने के मामले में मजदूर को लाइसेंस की पत्रावली नहीं दी गई। लाइसेंस में बने गारंटरों से भी पूछताछ नहीं की गई। मजदूर को दिए गए कुछ कागजों में शपथपत्र व डाकखाने की एनएससी पर दूसरे के फोटो लगाए गए हैं।
कन्नौज के थाना गुरसहायगंज के गांव बनियान ऊंचा निवासी महेंद्र सिंह के नाम पर सातनपुर मंडी में अंजली ट्रेडर्स नाम से आढ़त का लाइसेंस लेकर करोड़ों का कारोबार किया गया। जबकि महेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में परिवार के साथ रहकर मेहनत-मजदूरी करते रहे। 10 जनवरी 2020 को बनाई गई फर्म पर जून 2023 तक हुए कारोबार पर 69 लाख रुपये मंडी शुल्क बकाया हो गया। इस बीच अधिकारियों ने मंडी शुल्क जमा कराने की सुधि भी नहीं ली। एक मई को महेंद्र सिंह के पास सातनपुर मंडी सचिव ने 69 लाख 11 हजार 910 रुपये मंडी शुल्क बकाया होने का नोटिस भेजा। कहा कि धनराशि जमा न होने पर आरसी जारी कर 1.5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज की दर सहित राजस्व की भांति वसूली की जाएगी। परिजन ने फोन पर जानकारी दी तो महेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश से घर पहुंचे। तब से वह मंडी के चक्कर लगा रहे हैं।
30 जून को वह गांव के प्रधान अनिल कुमार के साथ सातनपुर मंडी गए और सचिव से लाइसेंस के कागज मांगे। पूरे दिन परेशान रहने के बावजूद कोई कागज नहीं मिला। महेंद्र ने आत्मदाह की धमकी दी। मंडी सभापति सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने जांच कराने का भरोसा दिया था। महेंद्र सिंह व प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि मंडी से कुछ कागज मिले हैं, इसमें मोहम्मदाबाद क्षेत्र के निवासी दो गारंटर के शपथपत्र मिले लेकिन उनकी फर्मों के कोई कागज नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह के नाम बनाई गई फर्म की वह पत्रावली नहीं दी गई, जिस पर सभापति, मंडी सचिव, मंडी निरीक्षक व गारंटर के हस्ताक्षर होते हैं। उस फर्जी फर्म के नाम पर किस बैंक में चालू खाता खोला गया, उसमें किसकी फोटो लगी और किसके हस्ताक्षर किए गए, मंडी से यह प्रपत्र अभी तक नहीं दिए गए। इससे मंडी के अधिकारी व गारंटरों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका है। पूरी पत्रावली मिलने पर खुलासा हो सकता है।
मंडी सचिव अनूप कुमार दीक्षित ने बताया कि 69.11 लाख मंडी शुल्क बकाए में आरसी जारी की जा रही है। यदि लाइसेंस फर्जी होने की पुष्टि होती है तो गारंटरों से वसूली की जाएगी। इसके साथ ही लाइसेंस बनाने वाले अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।