फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में शुक्रवार को अचानक आलू की आवक घटने से भाव में उछाल आया है। इसके साथ ही जाम की समस्या से भी राहत मिली। मांग अधिक होने पर आढ़तों में लगे आलू का उठान भी काया गया।
आलू की इन दिनों तेजी से खोदाई के साथ बिक्री भी जमकर हो रही है। सातनपुर मंडी में कई जनपदों से अधिक
आलू आने से 22 फरवरी से हर रोज जाम लग रहा है। बीच-बीच में मंडी में आलू लाने से किसानों को रोका भी गया। जाम लगने से गुरुवार को भी आढ़तियों ने किसानों से आलू न लाने का अनुरोध किया था, इसके बावजूद करीब तीन किमी दूर तक आलू भरे वाहनों की लाइन लगी। करीब 300 ट्रक आलू पहुंचा था। जाम लगने से
यातायात भी बाधित रहा था। हालांकि शुक्रवार को मंडी में आलू की आमद घटी और करीब 200 ट्रक आलू पहुंचा। इससे आढ़तियों ने राहत की सांस ली और आलू तौल कराने के साथ आढ़तों पर लगे आलू का उठान भी कराया। इससे मंडी में जाम की स्थिति कम हुई। वहीं सड़कों पर भी वाहनों की लाइन न लगने से लोगों को राहत
मिली। मंडी में 701 रुपये लेकर 1011 रुपये प्रति क्विंटल आलू की बिक्री हुई। 50 से 80 रुपये तक भाव में बढ़ोत्तरी हुई। वहीं गुरुवार को मंडी में 651 रुपये लेकर 931 रुपये प्रति क्विंटल आलू की बिक्री हुई थी।
जनपद से बंगाल के लिए आलू की रैक बुक हो गई है। 42 बोगी की इस रैक में 42 हजार बोरा आलू बंगाल भेजा जाएगा। शनिवार को रैक की लोडिंग शुरू हो जाएगी और रविवार को रैक रवाना होने की संभावना है। आलू आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू ने बताया कि रविवार को आलू की रैक बंगाल के लिए रवाना होगी।
सातनपुर मंडी सचिव डॉ. दिलीप वर्मा ने बताया कि 10 मार्च को विधानसभा चुनाव की मतगणना होगी। इसके लिए नौ मार्च को स्ट्रांग रूम की बेरीकेडिंग की जाएगी। इन दिनों आलू की आवक अधिक होने से जाम लग रहा है।
इससे सात मार्च तक मंडी में पहुंचने वाला आलू तौला जाएगा। आठ मार्च को मंडी में आलू वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा और आढ़तों पर बचे हुए आलू की तौल कराकर मंडी खाली कराई जाएगी। फिलहाल 11 मार्च तक
मंडी बंद करने के आदेश हैं। यदि 10 मार्च को मतगणना के साथ निर्वाचन संबंधी कार्य पूर्ण हो जाता है तो 11 मार्च को आढ़तों पर आलू की तौल कराई जा सकती है।