फोटो-29, पैलानी दक्षिण में कटान करती गंगा को देखते भयभीत खड़े परिवार के लोग। संवाद
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर भले ही अब घटने लगा हो, लेकिन कटान का खतरा अभी टला नहीं है। लोगों के घर गंगा की तेज धार में समाते जा रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीण भयभीत हैं। कई परिवारों ने सड़क के किनारे डेरा डाल लिया है।
लगातार हो रहे कटान से गांव के कई घर और खेत खतरे की जद में आ गए हैं। कुछ परिवारों के मकान कटान की चपेट में आने से ढह गए, जिससे लोग सड़क किनारे डेरा डालने को मजबूर हैं। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। पैलानी दक्षिण गांव में गंगा की धारा तेजी से किनारों को काट रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही दिनों में कई बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। वहीं खेतों के साथ घरों तक खतरा पहुंच गया है। गांव के लोग ग्राम प्रधान जुबेर खां से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बार कटान की रफ्तार पिछले सालों से कहीं ज्यादा तेज है। गंगा का रुख लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है। अगर जल्द रोकथाम नहीं की गई तो पूरे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा सकता है।