अमृतपुर। राजेपुर ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गलारपुर के पंचायत घर में जनसुविधा केंद्र संचालन की जगह आलू भरकर कब्जा है। इससे एक कक्ष में भरे कंप्यूटर, फर्नीचर व उपकरण आदि कबाड़ हो रहे हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
शासन से पंचायतघरों में जन सुविधा केंद्र की तरह काम कराने के आदेश हैं। इससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही आवेदन करने में निर्धारित शुल्क से ग्राम पंचायत की आय बढ़ सके। जमीनी हकीकत इससे विपरीत है। ग्राम पंचायत गलारपुर में पंचायतघर की मरम्मत व रंगरोगन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। करीब दो लाख रुपये से कंप्यूटर, फर्नीचर व अन्य उपकरण खरीदकर पंचायतघर सजाया गया।
ग्रामीणों को उम्मीद थी, कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं में आवेदन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन यह सपना उनका अधूरा ही रह गया। हालात ये हैं कि पंचायतघर पर दबंगों का कब्जा है। कमरों में आलू भरे हुए हैं। एक कक्ष में भरे कंप्यूटर, फर्नीचर व उपकरणों पर काफी धूल जमा है।
उपेक्षा के चलते यह उपकरण कबाड़ हो रहे हैं। फिलहाल किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इसके अलावा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चाचूपुर जटपुरा के पंचायतघर का ताला ही नहीं खुलता। पंचायत सहायकों को घर बैठे मानदेय दिया जा रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
डीपीआरओ राजेश कुमार चौरसिया ने बताया कि वह पंचायतघरों की मौके पर जाकर जांच करेंगे। कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही पंचायतघरों का संचालन कराया जाएगा।