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नतीजों ने बजाई खतरे की घंटी

Wed, 04 Nov 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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फर्रुखाबाद। जिला पंचायत सदस्य के नतीजे भाजपा, बसपा और कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। चुनाव विश्लेषकों की मानें तो बसपा को कैडर वोट ही धोखा दे गया। भाजपा की हार की वजह कार्यकर्ताओं की नाराजगी बनी। कांग्रेस संगठन में करंट ही पैदा नहीं कर पाई। पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का रिहर्सल माना जा रहा था। इस रिहर्सल में भाजपा, बसपा व कांग्रेस फेल हो गई। हालांकि पार्टी नेता हार का कारण निष्पक्ष चुनाव न होने को मान रहे हैं।
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हैंगओवर में भाजपा, कार्यकर्ताओं की अनदेखी
भाजपा जिला पंचायत को तीन सीटें मिली हैं। पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव में तगड़ी जीत का हैंगओवर नुकसानदेह रहा। इसी से आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। कार्यकर्ता पार्टी की बैठकों में इस बाबत नाराजगी भी जताते रहे हैं। जिले में समीक्षा के लिए आने वाले बड़े नेताओं से भी दुखड़ा रोया गया। टिकट बंटवारे में भी निष्ठाओं की अनदेखी की गई। यह फांसें इतनी गहराईं कि सांसद मुकेश राजपूत की भाभी भी चुनाव हार गईं। भाजपा के जिला महामंत्री विमल कटियार इन कारणों से सहमत नहीं है। यह कहते हैं कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ। इसका अंदेशा भी जताया था।

खिसक गया कैडर वोट
बसपा को इस चुनाव में साइलेंट किलर के बतौर देखा जा रहा था। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट वापस पाने के लिए पार्टी दम से लगी थी, लेकिन पार्टी कैडर वोट नहीं संभाल पाई। इस वोट को पार्टी के अलावा दूसरे उम्मीदवार मैनेज कर ले गए। वहीं पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के बजाय बागी भी मैदान में उतर गए। इन्होंने पूरा खेल बिगाड़ दिया। पार्टी पांच सीटें ही हासिल कर पाई। जिला अध्यक्ष सुभाष गौतम पत्नी को भी चुनाव नहीं जिता पाए। सुभाष गौतम कहते हैं कि पार्टी की जीती सीटें हरवा दी गईं। गड़बड़ी न होती तो पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलतीं।
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कांग्रेस अभी भी सलमान की परछाई में
जिले की कांग्रेस अभी भी सलमान खुर्शीद की परछाई से उबर नहीं पाई है। पार्टी सलमान खुर्शीद की छाया में फली फूली है। हालांकि विधानसभा चुनाव में सलमान की पत्नी लुईस और लोकसभा चुनाव में खुद सलमान हार गए। इसके बाद भी संगठन में करंट नहीं दौड़ पाया। हाल यह रहा कि सभी सीटों पर पार्टी को उम्मीदवार ही नहीं मिले, जहां लड़ाया भी वहां शिकस्त ही मिली। इस चुनाव में पार्टी का खाता ही नहीं खुल पाया। कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक रहे विमल प्रसाद तिवारी के पौत्र चुनाव हार गए। हालांकि पार्टी जिला अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा हार की वजह चुनाव में गड़बड़ी को बताते हैं।
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