फर्रुखाबाद। शेखपुर की दरगाह अहसनी महमूदी व मतलूबी में कुरआन ख्वानी और परचम कुशाई की रश्म के साथ 115वें सालाना उर्स मंगलवार से शुरू हो गया। सज्जादानशीन ने प्रेम व सद्भावना की ज्योति जलाकर उर्स का आगाज किया। महान सूफी संतों के मजारों पर कुरआन ख्वानी का आयोजन हुआ। मुरीदों ने फूल-माला चढ़ाकर फातिहा पढ़ी।
ब्लाक कमालगंज के शेखपुर में उर्स के कार्यक्रम शुरू होते ही शहर, देहात व महानगरों से अकीदतमंदों ने डेरा डाल लिया। सुबह सज्जादानशीन हजरत आमिर मियां ने परिसर में दरगाही परचम कुशाई की रवायत अदा की और आपसी सद्भावना के लिए दुआ मांगकर दीप प्रज्वलित किया।
दरगाह परिसर में दोपहर बाद मीलाद की महफिल सजी। यहां मौलाना ईदुल हसन ने शाह अहसन अली, शाह महमूद अली व शाह मतलूब अली शाह पर प्रकाश डाला। कहा कि शैदाइयों को उनकी शिक्षाओं पर चलने की जरूरत है।
इस अवसर पर प्रबंधक मकसूद अहमद, शारिक महमूद, जमील, सगीर, प्यारे मियां, ताहिर खां, राशिद मियां आदि रहे।