शहर को जाम की मुसीबत से जल्द निजात मिलेगी। रेलवे ने ओवरब्रिज निर्माण के
लिए सर्वे पूरा कर लिया है। इस सप्ताह सेतु निगम को रिपोर्ट मिलने की
उम्मीद है। इसके बाद स्टीमेट बनेगा। ओवरब्रिज में केंद्र व राज्य सरकार
दोनों का पैसा लगेगा। सांसद मुकेश राजपूत ने ओवरब्रिज के लिए प्रस्ताव
दिया था। रेलवे ने अप्रैल व मई में सर्वे पूरा कर लिया है। यह
सर्वे ट्रेन
व्हेकिल यूनिट के आधार पर किया है। क्रासिंग से गुजरने वाली ट्रेन व
आवाजाही करने वाले वाहनों की संख्या पर सर्वे रिपोर्ट बनी है। सेतु निगम
स्टीमेट के लिए रेलवे की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोेेर्ट मिलने के
बाद स्टीमेट बनेगा। शहर में ठंडी सड़क, भोलेपुर तिराहा, जिला जेल
चौराहा, फर्रुखाबाद बाईपास पर अक्सर जाम की स्थिति रहती है।
ट्रेन की
आवाजाही पर यातायात ठप हो जाता है। इससे सड़क पर जाम लग जाता है। यही हाल
कायमगंज रेलवे क्रासिंग का भी है।
यहां के लिए है ओवरब्रिज का प्रस्ताव
- नगला खैरबंद से देवरामपुर ठंडी सड़क।
- भोलेपुर रेलवे क्रासिंग।
- जिला जेल रेलवे क्रासिंग।
- फर्रुखाबाद बाईपास ढिलावल से घारमपुर।
- कायमगंज रेलवे क्रासिंग।
24 में 6 से 7 घंटे बंद रहतीं क्रासिंग
शहर
से होकर 24 घंटे में 12 ट्रेनों की आवाजाही है। इनमें लंबी दूरी की
ट्रेनें भी शामिल हैं। तकरीबन इतनी ही संख्या में मालगाड़ियों का आना जाना
होता है। एक ट्रेन या मालगाड़ी के गुजरने पर औसतन 15 मिनट के करीब क्रासिंग
बंद रहती है। इस लिहाज से 24 घंटे में करीब 6 से 7 घंटे क्रासिंग बंद रहती
है। यह जाम की बड़ी वजह बनती हैं।
वर्जन
रेलवे ने सर्वे कर लिया
है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रेलवे की स्वीकृति के बाद ही ओवरब्रिज
निर्माण के लिए स्टीमेट बनेंगे। बजट मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
--गेंदालाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम