शहरी और ग्रामीण इलाकोें की खस्ताहाल बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए
भाजपा नेता एक्शन मोड में आ गए हैं। बुधवार को भाजपा नेताओं ने विभागीय
अधिकारियों को आपूर्ति में सुधार के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
इन्होंने साफ कहा है कि अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो सड़क पर उतर कर
आंदोलन किया जाएगा। भाजपाइयों ने एक्सईएन ग्रामीण को छह सूत्री ज्ञापन दिया
है।
बुधवार को डिवीजन कार्यालय में भाजपा नेताओं ने एक्सईएन ग्रामीण
और शहरी क्षेत्र के एसडीओ से मुलाकात की। एक्सईएन को दिए ज्ञापन में कहा कि
शासन से जारी रोस्टर पूरी तरह लागू किया जाए। अघोषित कटौती बंद करने के
साथ रोस्टर को सार्वजनिक किया जाए। कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की
क्षमता वृद्धि की जाए। इससे ट्रिपिंग की समस्या पर लगाम लग सके। उपभोक्ताओं
के घर पर लगे मीटरों की उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराई जाए। कनेक्शन न
लेने वाले लोगाें को भी बिल
भेजे जा रहे हैं। इसके लिए बिल संशोधन काउंटर
अलग से खोला जाए। न्याय पंचायत स्तर पर विद्युत बिल संशोधन के लिए पंचायत
का आयोजन हो। शहरी क्षेत्र के जर्जर तारों को बदला जाए। मेजर सुनीलदत्त
द्विवेदी ने कहा कि तीन दिन में अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो सड़क पर उतर
कर आंदोलन किया जाएगा। किस फीडर से कितनी सप्लाई हुई, इसकी रिपोर्ट
जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इस दौरान सुशील शाक्य, विमल कटियार, प्रभात
अवस्थी, दिलीप भारद्वाज, हिमांशु गुप्ता, रामवीर शुक्ला, धीरेन्द्र वर्मा,
अजीत महाजन, संजू शर्मा, अजीत महाजन समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।