एतिहासिक मेला रामनगरिया शुरू होने में महज कुछ दिन ही रह गए हैं, लेकिन ढाईघाट पर बुनियादी संसाधन का टोटा बरकरार है। सड़क, बिजली और पेयजल की सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यवस्थाओं में सुधार न हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
1 जनवरी से ढाईघाट पर मेला श्री रामनगरिया शुरू हो जाएगा। पर अभी तक ढाईघाट पर कई अव्यवस्थाए व्याप्त हैं। कल्पवास करने आए साधुसंतों का कहना है कि अभी तक न तो सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई गई और न ही पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था है। मेले में दुकानदारों का भी आना शुरू हो गया है।
दुकान लगाने आए ज्ञानचंद और विनोद कुमार का कहना है कि बिजली की व्यवस्था नहीं है। सोबरनदास, रामदास और ईश्वरदास आदि संतों ने कहा कि अभी तक व्यवस्थाएं ठीक नहीं की गी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो ढाई घाट शमशाबाद में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। ढाईघाट शमशाबाद पर जो संत समाज अपनी झोपड़ियां डाल रहे हैं। उन्हें प्रधान हटवा रहे है। प्रधान रामचरण शाक्य ने बताया कि रास्ता ठीक कराया जा रहा है, जिस वजह से साधु संतों से झोपड़ियां रास्ते से थोड़ा दूर डालने के लिए कहा है। ढाई घाट पर जाने वाला मार्ग भी अभी ठीक नहीं है। उधर, उप जिलाधिकारी कायमगंज ब्रजकिशोर दुबे ने बताया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसओ को निर्देश दिए गए हैं। पीडब्लूडी विभाग को रास्ता बनवाए जाने के लिए कहा गया है। अन्य समस्याएं भी जल्द निस्तारित कराई जाएंगी।