फर्रुखाबाद जिले में खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद मुन्नालाल त्रिवेदी ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय से अनुपस्थित रहने तथा सांठ-गांठ कर लीव मैनेजमेंट के आधार पर नौकरी करने के मामले में बीएसए को कठोर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीईओ ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय नगला उम्मेद के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका मनीषा चिकित्सीय अवकाश पर मिलीं। विद्यालय में 12 नामांकन के सापेक्ष 7 बच्चे उपस्थित मिले।
बीईओ ने बताया कि हरदोई से अंतर्जनपदीय तबादले पर 8 अक्तूबर 2012 को आई शिक्षिका ने 19 नवंबर से 16 मई तक प्रसूति अवकाश लिया। 18 मई से 31 मई तक ओवरराइटिंग कर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। जून 2013 में स्कूल खुलने के बावजूद भी शिक्षिका मनीषा नहीं आईं। 17 जुलाई 2013 से 15 सितंबर 2013 तक तथा 28 अक्तूबर से 20 दिसंबर 2013 तक सीसीएल अवकाश पर रहीं।
जनवरी माह में शीतकालीन अवकाश होने के कारण विद्यालय अधिकांश दिनों तक बंद रहा। 20 फरवरी 2014 से 18 मई 2014 तक मेडिकल अवकाश पर रहीं। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 13 अक्तूबर 2014 से 1 नवंबर 2014 तक चिकित्सीय अवकाश, 20 नवंबर से 22 दिसंबर 2014 तक सीसीएल, 5 फरवरी 2015 से 5 अप्रैल तक सीसीएल, 8 सितंबर 2015 से 30 अक्तूबर 2015 तक चिकित्सीय अवकाश उपस्थित रजिस्टर पर अंकित किया गया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2015 से फरवरी 2016 तक उपस्थित रजिस्टर पर शिक्षिका के हुए हस्ताक्षर संदिग्ध लग रहे हैं। 18 फरवरी 2016 से 15 मार्च 2016 तक सीसीएल, 15 जुलाई से 15 अगस्त से चिकित्सीय अवकाश पर रही शिक्षिका अगस्त 2016 में मात्र 8 दिन विद्यालय आई।
1 सितंबर 2016 से फरवरी 2017 तक प्रसव कालीन अवकाश लेकर शिक्षिका विद्यालय से गायब रही। 3 अप्रैल 2017 से 5 मई 2017 तक तथा 17 जुलाई से 14 सितंबर तक सीसीएल पर रही। 2 अक्तूबर 2017 से अधावधि मेडिकल अवकाश के नाम पर स्कूल नहीं आ रही है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षिका ने सांठ-गांठ कर लीव मैनेजमेंट के आधार पर 5-6 वर्ष का कार्यकाल बिना स्कूल जाए ही निकाल दिया। बीईओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने विद्यालय में शिक्षिका के स्थान पर किसी लड़की को पढ़ाने के लिए लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका नोएडा में रहती है। इन्होंने बीएसए से शिक्षिका पर कठोर कार्यवाही करने की सस्तुति की है।